पंच कल्याणक प्रतिष्ठा सामान्य कार्यक्रम नहीं होकर महा महोत्सव होता है। जिसमें नर को नारायण, पाषाण को भगवान बनाया जाता है। पंचकल्याणक कार्यक्रम से संस्कार...
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दिगंबर जैन साधु का संयम उपकरण पिच्छी और कमंडल है। यह जिन मुद्रा एवं करुणा का प्रतीक है। पिच्छी और कमंडल साधु के स्वालंबन के दो हाथ हैं। इनके बिना अहिंसा मय...
आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी ने कहा कि संयम, त्याग, संन्यास के मार्ग पर चलना है, तो राग और द्वेष को छोड़ना चाहिए। यदि आप अपनों से भी राग करोगे और दूसरों से द्वेष...
भोपाल (अवधपुरी) में दशलक्षण पर्व के तहत संस्कार शिविर चल रहा है। इसमें मुनिश्री प्रमाणसागर जी महाराज मंगल देशना देकर धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। शिविर में...
आचार्यश्री वर्धमानसागर जी ने कहा कि दशलक्षण पर्व में अनेक पर्व समाहित हैं। प्रतिदिन आप दशलक्षण धर्म और इंद्र ध्वज महामंडल विधान की पूजन कर रहे हैं। सात राजू...
आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि आज पूरा देश आजादी मना रहा है। आश्चर्य इस बात का है कि आजादी मनाने वाले आजादी का अर्थ नहीं...
आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए सत्य के विषय में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें सत्य को जानना चाहिए। असत्य में केवल भ्रांति ही...
आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने सोमवार की प्रातः बेला में मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि संपत्ति का होना महत्वपूर्ण नहीं महत्वपूर्ण संतुष्टि का होना है।...
आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि हम दूसरे को देखकर संतुष्ट नहीं होते हैं। यह हमारा जन्म सिद्ध अधिकार हो गया है। हम दूसरे को देख...
आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि आनंद की समझ सबको नहीं विषयों में आनंद मान लेते हैं, जो आनंद का कारण नहीं है। इन्द्रिय विषय...








