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आलेख

अवश्य मिलता है धर्म की निंदा का फल

झिलमिल जैन (आस्था) | हे भव्य आत्म, जो जीव धर्म की निंदा करते हैं और धर्म को गाली देते हैं, धर्म के मार्ग पर चले वाले व्यक्ति को उल्टा-सीधा बोलते हैं, उनका...

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