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प्रथम पट्टाचार्य वीर सागर जी का 68वां अंतरविलय समाधि वर्ष पूजन सहित मनाया : जीवन में हेय और उपादेय के विवेक से जीवन निर्माण होता है – आचार्य वर्धमान सागर जी

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने टोंक नगर की धर्मसभा में हेय और उपादेय के समीचीन ज्ञान को जीवन निर्माण का आधार बताया। प्रथम पट्टाचार्य वीर सागर जी का 68वां समाधि...

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