आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में कहा कि भक्ति का अर्थ गुणों का अनुराग है और भक्ति से जीवन के उपसर्ग दूर हो जाते हैं। उन्होंने शास्त्रों और उदाहरणों...
Tag - Jain_Spirituality
भोपाल (अवधपुरी) में मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने “भावनाओं का अनुशासन” विषय पर प्रवचन देते हुए कहा कि अनुशासित जीवन ही व्यक्ति को क्रोध, लोभ, मोह और भय से...
भोपाल के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मुनि श्री संधान सागर महाराज ने सोमवार प्रातः 5 बजे से लगातार 24 घंटे तक प्रतिमायोग साधना धारण की। वे 48 घंटे बाद ही...








