आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में कहा कि भक्ति का अर्थ गुणों का अनुराग है और भक्ति से जीवन के उपसर्ग दूर हो जाते हैं। उन्होंने शास्त्रों और उदाहरणों...
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रामगंजमंडी में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के वर्षायोग में 15 वर्षों बाद प्रेमलता महेश कटारिया परिवार को आहारचर्या और चरण वंदना का स्वर्णिम अवसर प्राप्त...








