Tag - Jain Spirituality

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अंबाह में पर्यूषण पर्व की शुरुआत, जैन मंदिरों में हुआ कलशाभिषेक : दस दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों से गुंजायमान होगा अंबाह का वातावरण

दिगंबर जैन समाज का प्रमुख पर्व पर्यूषण अंबाह में पंचमी से शुरू हो गया है। जैन मंदिरों में कलशाभिषेक, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। यह...

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उत्तम क्षमा धर्म पर सहारनपुर में दिया मंगल संदेश : क्रोध समस्या है, क्षमा हर समस्या का जीवंत समाधान है – आचार्य विमर्श सागर जी

पर्युषण महापर्व के पावन अवसर पर सहारनपुर में दिगम्बराचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज ने कहा कि क्रोध समस्या का समाधान नहीं बल्कि स्वयं एक समस्या है, जबकि...

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उत्तम क्षमा - आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान : क्षमा वीरस्य भूषणं

उत्तम क्षमा आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान है। यह क्रोध, द्वेष और प्रतिशोध को शांत कर आत्मा को निर्मल बनाती है। क्षमा से मैत्रीभाव व सामाजिक सद्भाव का...

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विदेश में जैनधर्म की प्रभावना करेंगे डॉ. जीवन प्रकाश जैन : अमेरिका में 15 दिवसीय प्रवास कर देंगे जैनधर्म का संदेश

अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन 15 दिवसीय अमेरिका प्रवास पर जैनधर्म की प्रभावना हेतु रवाना हुए। उन्हें जैन समाज...

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विनिश्चय सागर महाराज ने प्रवचन में दी मन की सफाई की सीख : बोले-काम बिगड़ता है जब मन बिगड़ता है 

रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने रविवार को मंगल प्रवचन में कहा कि जीवन की सारी समस्याएँ मन से जुड़ी हैं। जब मन बिगड़ता है तो काम भी...

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कोल्हापुर में सामूहिक सोलहकारण और दशलक्षण पूजन: 24 अगस्त से 8 सितम्बर तक इंद्रप्रस्थ सांस्कृतिक भवन में आयोजन

कोल्हापुर में प्रतिमा विद्या प्रतिष्ठान द्वारा 24 अगस्त से 8 सितम्बर तक सामूहिक सोलहकारण एवं दशलक्षण पूजन का आयोजन इंद्रप्रस्थ सांस्कृतिक भवन, शाहूमील रोड पर...

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मूर्छा भाव व्यक्ति को नियम संयम से दूर करता है : मनुष्य जन्म को साधना और धर्म से सार्थक करें – आचार्य श्री

आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने रामगंजमंडी में प्रवचन देते हुए कहा कि मोह और मूर्छा भाव के कारण मनुष्य धर्म और संयम से भटक जाता है। मनुष्य जन्म को धर्म...

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शिक्षक सम्मेलन में आचार्य श्री ने दिया स्वाध्याय और संस्कारों पर विशेष संदेश : चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही होता है जीवन का निर्माण : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

टोक नगर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन का निर्माण चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही संभव है। माता...

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जैन पत्रकार महासंघ पदाधिकारियों ने आचार्य प्रज्ञासागर जी से लिया आशीर्वाद : वर्षायोग में होगा जैन पत्रकारों का सम्मेलन

शिक्षा नगरी कोटा में आचार्य प्रज्ञासागर जी महामुनिराज के वर्षायोग के दौरान रविवार को जैन पत्रकार महासंघ के पदाधिकारियों ने आशीर्वाद लिया और 13 सितंबर को...

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इच्छाओं के गुलाम बन चुके हैं लोग, मन की स्वतंत्रता ही असली स्वराज : देश आज़ाद, पर मन की बेड़ियों में बंधे – मुनि प्रमाण सागर

भोपाल के विद्या प्रमाण गुरुकुलम में स्वतंत्रता दिवस पर मुनि प्रमाण सागर ने कहा कि असली आज़ादी सत्ता नहीं, बल्कि मन और इच्छाओं पर नियंत्रण है। उन्होंने युवाओं...

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