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प्रसंगवश क्षमापर्व विशेष, बंधनों से मुक्ति की चाबी-जैन क्षमा परंपरा : संबंधों का पुनर्निर्माण-क्षमा पर्व का सामाजिक आयाम

 जैन धर्म की गहरी और संवेदनशील परंपरा हमें इन्हीं बोझों से मुक्ति का मार्ग दिखाती है-क्षमा पर्व के रूप में, जो केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और...

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लघु सिद्ध चक्र महामंडल विधान कर दसलक्षण पर्व का समापन: आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में तप आराधना हुई, निकाली शोभायात्रा  

आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज सानिध्य में 10 लक्षण पर्व भक्ति भाव से संपन्न हुए। शनिवार की बेला में 10 लक्षण पर्व का अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य के रूप में...

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जबरी बाग नसिया जी में तपस्वियों का किया बहुमान: चल समारोह में उमड़े सकल जैन समाज के श्रद्धालुजन 

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जबरी बाग़ नसिया जी में पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन भगवान वासु पूज्य स्वामी का मोक्ष कल्याणक महा महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर...

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अनंतचतुर्दशी पर अभिनंदनोदय तीर्थ में महामस्तकाभिषेक एवं पर्यूषण पर्व का आयोजन : ब्रह्मचर्य में समाहित है पूरे ब्रह्माण्ड की शक्ति – आचार्य श्री निर्भय सागर

ललितपुर के अभिनंदनोदय तीर्थ में आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने ब्रह्मचर्य और व्रतों के महत्व पर प्रकाश डाला। पर्यूषण पर्व के समापन अवसर पर उन्होंने जीवन में...

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आचार्य वर्धमान सागर जी ने समझाया आकिंचन्य धर्म का महत्व : दस लक्षण पर्व के नवें दिन हुआ भव्य पंचामृत अभिषेक

दस लक्षण महापर्व के नवें दिन आचार्य वर्धमान सागर जी ने आकिंचन्य धर्म पर प्रवचन देते हुए बताया कि बहिरंग और अंतरंग परिग्रह से मुक्त होकर आत्मा का चिंतन करना ही...

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न तेरा न मेरा जग चिड़िया रैन बसेरा सुबह शाम का डेरा’ : मुनिश्री प्रमाण सागर ने आकिंचन्य धर्म का महत्व समझाया 

 जिस धन को जिस संपत्ति को तुमने अपना मान रखा है। वह धन संपत्ति भी कब चली जाएगी पता नहीं। प्रकृति कब तुम्हारे साथ कौनसा खेल खेल दे पता नहीं। जब यह सब छूट जाने...

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उत्तम आंकिचन्य धर्म पर जिनालयों में हुई पूजा-अर्चना: कोकिला सेठ की 16 उपवास की साधना जारी

नगर के जिनालयों में शुक्रवार को पर्यूषण पर्व का नौवा दिन उत्तम आंकिचन धर्म के रूप मे मनाया गया। समाज के प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया ने बताया कि नगर...

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एकत्व में शांति ही जीवन में कल्याणकारी: आचार्यश्री निर्भय सागरजी ने कहा-आकिंचन्य धर्म ही शाश्वत शरण है

 पयुर्षण पर्व पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री निर्भय सागरजी महाराज ने कहा कि आकिंचन्य धर्म आत्मा की उस दशा...

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संपत्ति और भौतिक मोह का त्याग कर आत्मिक उन्नति करें : मुनिश्री गुरूदत्त सागर जी ने उत्तम आकिंचन्य धर्म का किया विवेचन

नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल श्री अजितनाथ बड़ा जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के उत्तम आकिंचन्य दिन का आयोजन भव्य रूप से संपन्न हुआ। प्रातःकालीन बेला में मुनिश्री...

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डडूका दिगंबर जैन समाज ने 5 तपस्वियों का किया बहुमान: समाजजनों ने उत्तम आकिंचन्य धर्म मनाया 

दिगंबर जैन समाज डडूका की ओर से गांव के पांच तपस्वी भाई बहनों का पार्श्वनाथ सभागार में 10 उपवास के व्रत के पूर्णता की ओर अग्रसर होने पर बहुमान किया गया। 12 वें...

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