संसार शरीर और भोगों से जब विरक्ति हो जाती है तो धन संपत्ति और पद से मोह समाप्त हो जाता है। यह उद्गार मुनि श्री संभवसागरजी ने जैनत्व का इतिहास बताते हुए व्यक्त...
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दीनदुखियों की सेवा को सबसे बडा धर्म बताते हुए जैन मिलन महिला अरिहंत शाखा एवं बाहुबलि नगर जैन मिलन महिला मण्डल ने मदर टैरसा आश्रम पनारी में पहुंचकर वहां रह रही...








