Tag - Jain Milan Mahila Mandal

समाचार

भोगों से जब विरक्ति हो जाती है तो धन संपत्ति और पद से मोह नहीं रहता: मुनि श्री संभवसागरजी ने जैनत्व का इतिहास बताया 

संसार शरीर और भोगों से जब विरक्ति हो जाती है तो धन संपत्ति और पद से मोह समाप्त हो जाता है। यह उद्गार मुनि श्री संभवसागरजी ने जैनत्व का इतिहास बताते हुए व्यक्त...

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आश्रम पहुंचकर बांटी जरूरतमंद महिलाओं को आवश्यक सामग्री : दीनदुखियों की सेवा से बडा दूसरा धर्म नहीं- जैन मिलन

दीनदुखियों की सेवा को सबसे बडा धर्म बताते हुए जैन मिलन महिला अरिहंत शाखा एवं बाहुबलि नगर जैन मिलन महिला मण्डल ने मदर टैरसा आश्रम पनारी में पहुंचकर वहां रह रही...

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