Tag - Jain Dharma News

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मुनि श्री चिन्मय सागर जी ने टोंक में धारण की यम संलेखना : आचार्य वर्धमान सागर जी के सान्निध्य में चारों आहार का त्याग

टोंक में परम पूज्य मुनि श्री 108 चिन्मय सागर जी ने आचार्य वर्धमान सागर जी के सान्निध्य में चारों प्रकार के आहार का त्याग कर यम संलेखना धारण की। 88 वर्षीय मुनि...

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तीर्थंकर पद भी संयम धारण किए बिना संभव नहीं, मंगल देशना : आत्मा की उन्नति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति जरूरी – आचार्य वर्धमान सागर

दसलक्षण पर्व के छठे दिन आचार्य वर्धमान सागर जी ने कहा कि आत्मा की उन्नति और तीर्थंकर पद की प्राप्ति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति अत्यंत आवश्यक है। संयम जीवन का...

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सहारनपुर में दसलक्षण महापर्व पर उत्तम शौच धर्म की प्रभावना, संतोष में है जीवन का वास्तविक सुख : उत्तम आर्जव धर्म मानव दुःखी है पदार्थ से नहीं, लोभ से – आचार्य श्री विमर्शसागर

सहारनपुर में दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत भावलिंगी संत दिगंबराचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज ने उत्तम शौच धर्म की महत्ता समझाते हुए कहा कि मनुष्य दुःखी पदार्थ...

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95 वर्षीय अमरचंद सिंघवी दूसरी बार करेंगे 32 उपवास : नागपुर मोठे मंदिर में सोमवार को होगा जयघोष

नागपुर अजनी निवासी 95 वर्षीय सप्तम प्रतिमा धारी अमरचंद सिंघवी दूसरी बार 32 उपवास की तपस्या कर रहे हैं। सोमवार 25 अगस्त को मोठे मंदिर इंद्र भवन इतवारी में त्रय...

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धर्मसभा में मुरैना जैन मंदिर पर मुनिश्री ने श्रावकों को संयम और श्रद्धा का संदेश दिया : साधक की साधना में सहयोगी बनना श्रावक का कर्तव्य है – मुनिश्री विलोकसागर

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में चातुर्मासरत आचार्यश्री आर्जवसागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि साधक की साधना...

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