Tag - jain dharm

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मंझार जैन मंदिर में प्रवचन दे रहे हैं मुनि श्री : स्वाधीन बनने से होगा आत्मा का कल्याण – सुधासागर जी महाराज

मंझार जैन मंदिर में मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर जी महाराज विगत एक माह से विराजमान हैं। अपने प्रवचन में मुनिश्री ने कहा कि महानुभाव...

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मुरैना जेल में कैदियों को दिया उदबोधन : शुद्ध मन पापों से रहित होता है – स्वस्तिभूषण माताजी

शुद्ध मन पापों से रहित होता है। व्यक्ति अपनी इच्छापूर्ति के लिए चोरी करता है, दूसरों के धन को हड़पता है । आप विचार कीजिए कि व्यक्ति के धन को आपने हड़पा है या जिस...

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श्रीफल ओरिजिनल


सम्मेद शिखर पर्वत की महा तीर्थ यात्रा :
सीनियर सिटीजन बुजुर्गों का जत्था कोडरमा से होगा रवाना

सम्मेद शिखर पर्वत की महा तीर्थ यात्रा के लिए सीनियर सिटीजन बुजुर्गों का जत्था कोडरमा से सम्मेद शिखर पारसनाथ की यात्रा के लिए रवाना होगा। इस यात्रा के निर्विघ्न...

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मानवता और समाज के लिए हैं समर्पित प्रमोद हिमांशु: रोजाना एक हजार लोगों को निशुल्क भोजन कराते 

देव शास्त्र गुरु के प्रति समर्पित, पंचेन्द्रिय से तिर्यंचों तक के प्रति करूणा भाव रखने वाले समाजसेवी प्रमोद हिमांशु पिछले दो वर्ष 11 माह से लगातार मानवता की...

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राग तो आग है, साम्यभाव को करो सेवन - आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी : आचार्य ने कहा, आडम्बर धर्म नहीं है

एक योगी के राग में दूसरे योगियों को मत भूल जाना और जिनशासन कहता है, जिनागम कहता है कि राग अच्छा होता नहीं है। ज्ञानी ! राग तो आग है, इसका काम जलाना है। पढ़िए...

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जैन और आदिवासी समाज एक दूसरे के पूरक: प्रेस कॉन्फ्रेंस में आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज और मुनि श्री पीयूष सागर जी महाराज ने रखे विचार 

पारसनाथ श्री सम्मेद शिखरजी आस्था का तीर्थ क्षेत्र है जिसके साथ आदिवासी समुदाय और जैन समुदाय की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। श्री सम्मेद शिखर जी का महत्व जितना जैन...

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सलाह और सहयोग दोनों ही महत्वपूर्ण : मुनि श्री निरंजन सागर जी, साइंस ऑफ लिविंग के सत्र में सहयोगात्मक सलाह के बारे में बताया 

दुर्योधन शकुनि से सलाह लेता था और अर्जुन श्रीकृष्ण से। आपके सहयोगी कौन हैं यह भी बड़ा महत्वपूर्ण है क्योंकि राम के भाई लक्ष्मण ने सहयोग दिया तो राम को विजयश्री...

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जैसा बनना है, पहले उसकी उपासना करो - श्री स्वस्तिभूषण माताजी : विश्व शांति महायज्ञ एवं रथयात्रा के साथ विधान का समापन

जैन धर्म में श्रावक षट आवश्यक कहे हैं । इसके अनुयायियों को छह आवश्यक नियमों का पालन बताया गया है । देव पूजा, गुरु उपासना, संयम, तप और दान । इन षट आवश्यकों में...

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सिद्धचक्र महामंडल विधान का आठवां दिन: शेस्त्रनाम विधान में 1024 अर्घ्य समर्पित 

कमला नगर शालीमार एन्क्लेव स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ में शनिवार को अभिषेक...

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अद्भुत है भियादान्त, जानिए इस तीर्थ की सुंदरता के बारे में: अनजाने जैन तीर्थ स्थलों के विकास के लिए आगे आएं समाजजन

चंदेरी में चौबीसी मंदिर में स्थित एक बोर्ड पर निकटवर्ती जैन तीर्थ के नाम लिखे गए हैं, जिनकी कोई विशेष पहचान नही है। यह क्षेत्र वीरान हैं, घने वन में हैं, जाने...

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