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कालजयी रचना ‘मेरी भावना’: 109 वर्षों बाद भी प्रासंगिक : पं. जुगल किशोर मुख्तार “युगवीर” की अमर कविता ने दिखाया जीवन मार्ग

1916 में रचित पं. जुगल किशोर मुख्तार “युगवीर” की कविता ‘मेरी भावना’ आज 109 वर्षों बाद भी उतनी ही प्रासंगिक है। यह रचना राष्ट्रीयता, विश्व बंधुता, सहिष्णुता और...

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