Tag - Indore श्रीफल जैन न्यूज

समाचार

मुनि श्री विशल्य सागर जी महाराज का झुमरीतिलैया में आगमन: रंगोली से सज गई झुमरी तिलैया 

मुनि श्री विशल्यसागर जी का सोमवार सुबह भव्य मंगल प्रवेश झुमरी तिलैया में हुआ। वे झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि हैं। सोमवार को बायपास पर जैन समाज की सैकड़ों...

समाचार

6 अप्रेल को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के पोस्टर का विमोचनः जियो और जीने दो की पालना होगी-माताजी

भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव पर जिनेश्वर दास दिगम्बर माध्यमिक विद्यालय पर सर्व समाज व जैन समाज कुचामन द्वारा डोसी परिवार के सौजन्य से राजस्थान जैन सभा व...

समाचार

त्याग और तप की प्रतिमूर्ति जैन सन्तः जैन साध्वी ज्ञानमती माताजी ने किया केशलोच

जैन साध्वी गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने भव्य केशलोच किया। जैन ग्रंथ के अनुसार दिगम्बर साधु-साध्वियों को साल में 3 बार यह प्रक्रिया प्रत्येक 4 माह में...

समाचार

सुनेल की युवा पत्रकार मेघा जैन का सर्व समाज ने किया नागरिक अभिनंदनः राज्यपाल ने प्रतिष्ठित पत्रकारिता अवार्ड से नवाजा

पत्रकारिता के क्षेत्र में सम्मान से साबित हुआ नारी का दबदबा। सुनेल की युवा पत्रकार मेघा जैन को सम्मान प्राप्त हुआ। सुनेल की बेटी ने देश के झालावाड़ जिले का नाम...

समाचार

शांतिनाथ दिगंबर जैन पाठशालाः बच्चों ने निवेदन कर विकसंत सागर महाराज से पूछा रामगंजमंडी कब आओगे 

आज पाश्चात्य संस्कृति ने धर्म का लोप सा कर दिया लेकिन रामगंजमंडी की शांतिनाथ दिगंबर जैन पाठशाला ने एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन...

समाचार

पंडित गोपालदास वरैया की 159वीं जयंती मनाई गईः जैन धर्म का मूल सिद्धांत अहिंसा परमो धर्मः सुधीर सक्सेना

जैन समाज में आचार्य विद्या सागरजी एवं आचार्य ज्ञान सागरजी जैसे संत हुए हैं। जैन धर्म का मूल सिद्धांत अहिंसा परमो धर्म एवं जियो और जीने दो है। गुरुनाम गुरु...

समाचार

बीसपंथी मंदिर मल्हारगंज पर चैत्र नवरात्रि पद्मावती महोत्सव के रूप में मनाई जाएगीः आठ दिवसीय भव्य आयोजन

श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन, बीसपंथी मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर्व पद्मावती महोत्सव के रूप में में 30 मार्च, से 6 अप्रैल तक मनाया जाएगा। पूरे आठ दिनों तक चलने...

समाचार

प्रथम बार 12 ऐलक दीक्षाएं संपन्न हुईः बड़े बाबा के दरबार में आचार्यश्री समय सागरजी महाराज के कर कमलों से 

श्री विद्या सागरजी महाराज के शिष्य आचार्यश्री समय सागरजी महाराज के कर कमलो से प्रथम बार सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में बड़े बाबा के बड़े दरबार में एक भव्य समारोह में...

राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 34 संत ब्रह्म अजित 17वीं शताब्दी के संत थे: भृगुकच्छपुर (भडोच) के नेमिनाथ चैत्यालय में हनुमच्चरित की थी समाप्त 

राजस्थान की धरती पर जिन जैन संतों ने अपने साहित्य के माध्यम से संयम, नियम और धर्म के प्रति जनमानस में अलख जगाई है। उसी का प्रतिफल है कि जैन धर्म और भगवान...

समाचार

राजस्थान के जैन संत 33 भट्टारक रत्नचंद्र (प्रथम) ने तीर्थंकर भगवानों का किया गुणानुवाद: भट्टारक सकलचंद्र के शिष्य की रचना रही श्रेष्ठ

राजस्थान की धरती जैन संतों के जन्म और उनके धर्म के प्रति किए गए कर्म के लिए जानी जाती है। राजस्थान में सर्वाधिक जैन संतों की लंबी विरासत रही है। इनमें से कई तो...

You cannot copy content of this page