आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज ने सोमवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए बद्ध चेतन, अबद्ध चेतन, सदभूत-असदभूत व्यवहारनय को समझाया। आचार्यश्री ने युवाओं को भी...
Tag - Ganini Aryika Vishishthri Mataji
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव का जन्म कल्याणक विराग सागरजी महाराज के मूल संघ के परम पूज्य गणधर श्रमण विवर्धन सागरजी एवं प्रवर्तक श्रमण मुनिश्री...








