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अंतरराष्ट्रीय दिगंबर जैन पोरवाड़ सामाजिक मंच का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न : अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ भव्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय दिगंबर जैन पोरवाड़ सामाजिक मंच का वार्षिक अधिवेशन एवं साधारण सभा रविवार, 24 अगस्त को मोदीजी की नसिया, बड़े गणपति, इंदौर में आयोजित हुई। यह आयोजन...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -166 व्यवहार में सिर्फ बाहरी छवि देखकर निर्णय न करें : हर उज्ज्वल चेहरा सच्चा नहीं होता

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -165 हर जीवात्मा में है परमात्मा का वास : असली भक्ति भीतर के ईश्वर को अनुभव करने में है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -164 जीवन में कभी दिखावे से प्रभावित नहीं होना चाहिए : असली मूल्य आचरण और सच्चाई हैं

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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पर्युषण पर्व की शुरुआत : 9 दिन तक न बनेगी और न बिकेगी मिठाई-नमकीन

पाली में जैन समाज का पर्युषण पर्व शुरू हो गया है। इस दौरान पूरे 9 दिन तक शहर की मिठाई-नमकीन की दुकानें और 600 फैक्ट्रियां बंद रहती हैं। करीब 20 हजार मजदूरों को...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -163 सच बोलो चाहे वो कड़वा ही क्यों न हो : धर्म का मूल आधार प्रेम और सत्य है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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इस मंदिर की नहीं है कोई नींव : इस मंदिर को महात्माओं ने उतारा था आकाश मार्ग से पृथ्वी पर

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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700 मुनिराजों का पूजन संपन्न : वात्सल्य पूर्णिमा धर्म, धर्मात्मा और जिनालय की रक्षा का संदेश देती है- आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

पंचम पट्टाचार्य, वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित टोंक में विराजमान हैं। उनके सानिध्य में अकंपनाचार्य एवं विष्णु मुनिराज सहित 700 मुनिराजों...

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दुःख जीवन में मात्र ‘मै’ और मेरे पन में है : मुनिश्री जयंत सागर जी ने दुःख के निवारण के उपाय बताए

स्थानीय भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार को मुनिश्री जयंतसागर जी महाराज के प्रवचन हुए। इसमें मुनिश्री ने कर्मों की निर्जरा पर जोर दिया। वर्षायोग...

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दोहों का रहस्य -163 सच बोलो चाहे वो कड़वा ही क्यों न हो : धर्म का मूल आधार प्रेम और सत्य है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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