आजकल प्रत्येक क्षेत्र में सत्वेषु मैत्री का अभाव दिखाई दे रहा है। परिणाम स्वरूप घर परिवार टूट रहे हैं। परिवार के सदस्यों में परस्पर में करुणा एवं वात्सल्य का...
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अभिमान अहंकार व्यक्तित्व के विकास में बाधक है। महान वही बनता है जो विनम्र होकर मार्दव धर्म का पालन करता है। यह उद्गार दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में...
पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ मंगलवार को शाम 4 बजे सुमतिधाम गांधी नगर से विहार करेंगे। आचार्य श्री वहां से दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर...
दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में उपाध्याय श्री विश्रुत सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने प्रवचन में समता, संयम और धर्म के बारे में...
आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव छत्रपति नगर के दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय में मनाया गया। तीर्थंकर आदिनाथ की प्रतिमा को रजत पालकी में विराजमान कर...
व्यक्ति का व्यवहार ही उसकी पूंजी है। उसके व्यवहार से ही वह पहचाना जाता है। विनम्रता व्यवहार में दिखना भी चाहिए तभी किसी व्यक्ति से उसका जुड़ाव होगा। प्रीति नहीं...








