Tag - Dhariyavad श्रीफल जैन न्यूज

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धरियावद में ज्ञान आराधना का दौर: आदर्श वर्षायोग मंगल कलश की हुई स्थापना

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के शिष्य क्षुल्लक महोदय सागर जी महाराज एवं आचार्य कल्प श्री पुण्य सागर जी महाराज के शिष्य क्षुल्लक पुण्योदय सागर जी महाराज...

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आचार्यश्री वर्धमान सागरजी का संघ सहित मंगल विहारः 21 फरवरी को खूंता होगा मंगल प्रवेश

नगर के आदिनाथ भगवान अतिशयकारी हैं। 14 एकड़ की जमीन पर हम आदिनाथ जिन शरण जिनालय गुरु मंदिर, स्कूल, कॉलेज, औषधालय वाटिका आदि बनाने जा रहे हैं। धरियावद जैसे स्कूल...

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धरियावद में तीन दिवसीय रजत जयंती महोत्सव का पारणोत्सव और रथावर्तन के साथ समापनः शक्ति हमारे अंदर होती है-मुनिश्री पुण्य सागरजी

आचार्य 108 श्री वर्द्धमान सागरजी महाराज के आशीर्वाद से दिगंबर जैन मंदिर की पंचकल्याणक प्रतिष्ठा का रजत जयंती महोत्सव, द्वय तपस्वी मुनिराजों का पारणोत्सव और...

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दिगंबर जैन मुनि पुण्य सागरजी का केशलोचः भक्तामर विधान मंडल पूजन का पांचवां दिन

प्रज्ञा श्रमण वात्सल्य मूर्ति पुण्य सागरजी महाराज ने अपने मूलगुणों की पालना में हाथों से केशलोंच किया। इधर, मुनिश्री संघ सानिध्य में चल रहे श्री भक्तामर...

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सिद्ध चक्र महामंडल विधान में पंच परमेष्ठी का गुणानुवाद कर 512 अर्घ्य चढ़ाए गए : सांस्कृतिक कार्यक्रम में सौधर्म इंद्र सभा का दरबार लगा

श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान पूजन और विश्व शांति महायज्ञ के 9 दिवसीय कार्यक्रम के तहत आज बुधवार को पंच परमेष्ठी भगवान के 512 गुणों का गुणानुवाद कर पंच...

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धार्मिक शिक्षण शिविर का बढ़ा उत्साह: शिविरार्थियों की पंजीयन संख्या बढ़कर पहुंची 151 तक

दिगंबर जैनाचार्य वात्सल्य वारिधि आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज के शिष्य युगल मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज, मुनि श्री अर्पित सागर जी महाराज...

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भगवान महावीर से जुड़ेंगे तभी लाइफ स्मार्ट बनेगी- मुनि अपूर्व सागर: जैन धर्म के संस्थापक नहीं, जिन धर्म के प्रवर्तक है महावीर भगवान

वात्सल्य वारीधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री अपूर्व सागर जी ने भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक के अवसर पर कहा कि इस संसार में हिंसा...

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भगवान आदिनाथ स्वामी का जन्म और तप कल्याण महोत्सव हुआ सपन्न 21 द्रव्यों से किया गया पंचामृत अभिषेक और शांति धारा 

18 कोडाकोड़ी सागर के बाद इस हूंडावसर्पि काल में भगवान आदिनाथ के द्वारा ही जैन धर्म का प्रवर्तन किया।जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ ने ही कृषि भूमि में असी...

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मोक्ष हर कोई चाहता है, मोक्ष की क्रिया नहीं करता - श्री सुभूषण मति माताजी    गणिनी आर्यिका रत्न श्री सुभूषण मति माताजी ने सिखलाया भेद विज्ञान का पाठ    

ईडर में ससंघ विराजमान गुरु परंपरा गौरव, चर्या शिरोमणी, आगमिक प्रखर वक्ता, हिमालय से कन्याकुमारी तक घाट-घाट को अपने पद चाप से पवित्र करने वाली गणिनी आर्यिका...

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भगवान की वाणी आत्मा को सुकून देती है- मुनि अपूर्व सागरजी  श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन सभा स्थल में हुई धर्मसभा   

जब वसंत आता है तो प्रकृति मुस्कुराती है और जब संत आता है तो संस्कृति मुस्कुराती है। वसंत हमें चेतावनी देने आता है कि संसार में सबकुछ नश्वर है। जो तेरा है वो...

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