स्थानीय बड़ा मंदिर सरस्वती भवन में मंगलवार को रत्नत्रयी 25 व्रतियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। समाजजनों ने व्रतियों के तप...
Tag - Daslakshan Mahaparva
दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में सत्य धर्म की गहन विवेचना करते हुए कहा कि वचन ही सत्य है और आत्मा ही वास्तविक सत्य है।...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 76वां अवतरण दिवस दशलक्षण पर्व के तृतीय उत्तम आर्जव दिवस पर भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रवचनों, पूजन, महाआरती...
झुमरी तिलैया में दसलक्षण महापर्व का तीसरा दिन उत्साहपूर्वक उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर दोनों जैन मंदिरों में अभिषेक, शांति धारा, संगीतमय...
रामगंजमंडी में दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा और आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के मंगल प्रवचन के साथ मनाया गया। आचार्य श्री ने कहा कि...
उत्तम क्षमा आत्मशुद्धि और मोक्ष का प्रथम सोपान है। यह क्रोध, द्वेष और प्रतिशोध को शांत कर आत्मा को निर्मल बनाती है। क्षमा से मैत्रीभाव व सामाजिक सद्भाव का...
दसलक्षण महापर्व जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे जैन धर्मावलंबियों द्वारा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व दस दिनों तक चलता है और...








