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समाचार

आचार्यश्री विशुद्धसागर जी को वात्सल्य रत्नाकर की उपाधि : अभिवंदना पत्र किया गया समर्पित 

नवपट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी मुनिराज को अनेकों उपाधियों के साथ अब ‘वात्सल्य रत्नाकर’ के नाम से भी जाना जाएगा। अखिल भारतीय जैन ज्योतिषाचार्य परिषद (पंजी.)...

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