Tag - Big Jain Temple

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अंतरंग के भावों के अनुरूप ही कर्मफल की होती है प्राप्ति: मुनिश्री विलोकसागर जी के सानिध्य में प्रतियोगियों का बहुमान

यदि हमारे हृदय में करुणा का भाव नहीं हैं तो आपकी पूजा भक्ति कभी भी सफल नहीं हो सकती। यह उद्गार नगर में चातुर्मासरत जैन संत मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने बड़े...

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मुक्ति तभी संभव जब अंतरंग के विकार हों नष्ट :  पर्यूषण पर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म पर हुआ व्याख्यान

पर्यूषण पर्व में उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्ज़व धर्म के बाद चौथे दिन बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज ने...

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श्रावकों को संयम का मार्ग दिखाता है पर्यूषण पर्व : संयम की साधना में पंचेंद्रियों पर अंकुश आवश्यक -मुनिश्री विलोकसागर’

जैन दर्शन में प्राणी मात्र के कल्याण पर जोर दिया गया है। संसार के प्रत्येक प्राणी के अंदर अपार क्षमता है लेकिन, कषायों के वशीभूत होकर वह सब कुछ भूल चुका है।...

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मुनिश्री विबोधसागर ने कहा जैन दर्शन में त्रिरत्न ही सर्वाेपरि : बड़े जैन मंदिर में मधुर प्रवचन से हो रही धर्म प्रभावना 

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में जैन संतों के आध्यात्मिक मंगल वर्षायोग में प्रतिदिन चल रही मधुर प्रवचनों की श्रृंखला में आचार्यश्री आर्जवसागरजी...

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सांसारिक इच्छाओं, आसक्तियों का त्याग मोक्ष का कारक है-मुनिश्री विलोकसागर: मुनिश्री ने जीवन में त्याग की भावना को सर्वोपरि बताया 

जैन दर्शन में त्याग की महिमा का गुणगान किया गया है। त्याग की भावना रखने वाला प्राणी सदैव सुख शांति से जीवन यापन करता है। जैन धर्म में त्याग एक महत्वपूर्ण...

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तीर्थंकर प्रश्नोत्तरी 3 अगस्त को होगी: प्रतियोगिता में 8 से 90 वर्ष तक के धर्मानुरागी हो सकेंगे शामिल 

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ एवं 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 3 अगस्त को आयोजित होने जा रही है। प्रतियोगिता मुनिश्री विलोकसागर जी...

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पूर्ण श्रद्धा भक्ति से भगवान पार्श्वनाथ जी का मोक्ष कल्याणक 31 को मनाया जाएगा: मुनिराजों के सानिध्य में चढ़ाया जाएगा निर्वाण लाड़ू

जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव 31 जुलाई को विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पूर्ण श्रद्धा और...

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व्यसन करने वाला धार्मिक अनुष्ठान करने का पात्र नहीं : मुनिश्री विलोकसागर’जी ने व्यसनों को त्यागने का दिया उपदेश

व्यसन करने वाले को सभी जगह हेय दृष्टि से देखा जाता है, ऐसा व्यक्ति सर्वत्र निंदा का पात्र बनता है। यह उद्गार मुनि श्री विलोकसागरजी महाराज ने बड़ा जैन मंदिर में...

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चातुर्मास में श्रावक भी संयम की साधना करें : मुनिश्री विलोकसागर’ के बड़े जैन मंदिर में रोज हो रहे प्रवचन

गुरुदेव की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से णमोकार मंत्र लेखन का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। बुजुर्ग, माता बहिने एवं बच्चे सभी लोग पूर्ण समर्पण एवं भक्ति के साथ इस...

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जिसके जीवन में गुरु नहीं, उसका जीवन शुरू नहीं: सिद्धचक्र विधान के पांचवे दिन 128 अर्घ्य होंगे समर्पित

बड़े जैन मंदिर में मुनिराजश्री विलोकसागरजी महाराज एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में आठ दिवसीय सिद्धों की आराधना का अनुष्ठान चल रहा है।...

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