Tag - Bhaktamar  श्रीफल जैन न्यूज

समाचार

स्वाध्याय मुक्ति के द्वार तक पहुंचाने में सहायक : मुनिराज श्रावकों को करा रहे हैं स्वाध्याय

मुनिश्री विलोकसागर महाराजजी ने बड़े जैन मंदिर में धर्मसभा में स्वाध्याय के बारे में बता रहे हैं। नित्य सुबह ग्रंथों के माध्यम से महत्व समझा रहे हैं। रविवार को...

समाचार

उपाध्याय श्री विहसन्त सागर जी महाराज का मिल रहा सानिध्य : कमला नगर जैन मंदिर में चल रही है भक्तामर महिमा

मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ का अर्पितमय पावन वर्षायोग आगरा के कमला नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य श्री विद्यासागर...

समाचार

मुनि श्री विगुण सागर जी के सानिध्य में हुआ आयोजन : विश्व शांति जन कल्याण के लिए की गई भगवान आदिनाथ की आराधना

 बड़े जैन मंदिर में अंबाह जैन समाज संगठन के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे स्वर्गीय भरोसी लाल जैन की पुण्यतिथि के अवसर पर भगवान आदिनाथ को समर्पित भक्तामर...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : भक्तामर के 26वें काव्य पर दिया व्याख्यान

धर्मसभा में उपाध्याय श्री विहसंतसागर महाराज ने कहा कि जो भी जीव जन्म लेता है, उसके साथ कर्म साथ में जरूर आते हैं। ज्ञानवरण आदि आठ कर्म जीव को दुःख देते हैं और...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : बाल संस्कार पाठशाला का हुआ आयोजन

धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि हमें भगवान की पूजन अष्ठ द्रव्य से करनी चाहिए और हमें मंदिर में तीन बार परिक्रमा देते समय देव स्तुति बोलनी...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : भक्तामर के 12वें काव्य का बताया महत्व

धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि जो जितना परिग्रह रखता है, उसे उतने ही विकल्प ज्यादा आते हैं। जगत के संकल्प ही विकल्पों का जनक है। यदि...

समाचार

महिलाओं ने किया भक्तिमय पाठ का आयोजन : मासिक भक्तामर बैठक संपन्न

इंदौर। मिलन हाइट्स मंदिर स्थित महिलाओं की मासिक भक्तामर मीटिंग संपन्न हुई। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने न सिर्फ भक्तिमय पाठ का आयोजन किया, बल्कि अपने मित्रों के...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : भक्तामर के 11वें काव्य का बताया महत्व

धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि देह को कृष करने वाले धर्म बहुत जन करते हैं, लेकिन तत्व का निर्णय करके तप करना वास्तविक तपस्या है। जिसने तन...

समाचार

चातुर्मासिक धर्म सभा में प्रवचन : उपाध्याय श्री विहसंत सागर ने बताया भक्तामर के दसवें काव्य का महत्व

प्रातः कालीन क्रीम क्लास में मुनिवर विहसंत सागर महाराज ने यह बताया कि तीर्थंकरों के 34 अतिशयों में केवलज्ञान के दस अतिशय होते हैं, जो घातिकर्म के क्षय होने पर...

समाचार

राष्ट्रहित में नारी का योगदान विषयक कार्यक्रम भी होगा : विहसंतसागर जी महाराज ने बताई भक्तामर के नवें काव्य की महिमा   

मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री 108 विहसंतसागर जी महाराज की सभी भक्तों ने अष्ट द्रव्य से पूजा अर्चना की। गुरुदेव ने भक्तामर स्तोत्र के नवें काव्य में बताया कि...

You cannot copy content of this page