मुनिश्री विलोकसागर महाराजजी ने बड़े जैन मंदिर में धर्मसभा में स्वाध्याय के बारे में बता रहे हैं। नित्य सुबह ग्रंथों के माध्यम से महत्व समझा रहे हैं। रविवार को...
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मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ का अर्पितमय पावन वर्षायोग आगरा के कमला नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य श्री विद्यासागर...
बड़े जैन मंदिर में अंबाह जैन समाज संगठन के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे स्वर्गीय भरोसी लाल जैन की पुण्यतिथि के अवसर पर भगवान आदिनाथ को समर्पित भक्तामर...
धर्मसभा में उपाध्याय श्री विहसंतसागर महाराज ने कहा कि जो भी जीव जन्म लेता है, उसके साथ कर्म साथ में जरूर आते हैं। ज्ञानवरण आदि आठ कर्म जीव को दुःख देते हैं और...
धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि हमें भगवान की पूजन अष्ठ द्रव्य से करनी चाहिए और हमें मंदिर में तीन बार परिक्रमा देते समय देव स्तुति बोलनी...
धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि जो जितना परिग्रह रखता है, उसे उतने ही विकल्प ज्यादा आते हैं। जगत के संकल्प ही विकल्पों का जनक है। यदि...
इंदौर। मिलन हाइट्स मंदिर स्थित महिलाओं की मासिक भक्तामर मीटिंग संपन्न हुई। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने न सिर्फ भक्तिमय पाठ का आयोजन किया, बल्कि अपने मित्रों के...
धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि देह को कृष करने वाले धर्म बहुत जन करते हैं, लेकिन तत्व का निर्णय करके तप करना वास्तविक तपस्या है। जिसने तन...
चातुर्मासिक धर्म सभा में प्रवचन : उपाध्याय श्री विहसंत सागर ने बताया भक्तामर के दसवें काव्य का महत्व
प्रातः कालीन क्रीम क्लास में मुनिवर विहसंत सागर महाराज ने यह बताया कि तीर्थंकरों के 34 अतिशयों में केवलज्ञान के दस अतिशय होते हैं, जो घातिकर्म के क्षय होने पर...
मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री 108 विहसंतसागर जी महाराज की सभी भक्तों ने अष्ट द्रव्य से पूजा अर्चना की। गुरुदेव ने भक्तामर स्तोत्र के नवें काव्य में बताया कि...








