Tag - Barwani Jain Samaj

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भगवान ने द्रव्य, भाव और नौ कर्म रूप जन्म-जरा-मरण रूपी नगर को नष्ट किया — आचार्य वर्धमान सागर जी : सहस्त्रनाम विधान की पूजा में भगवान के गुणों का वर्णन

सहस्त्रनाम मंडल विधान के दौरान आचार्य वर्धमान सागर जी ने बताया कि भगवान ने द्रव्य, भाव और नौ कर्म रूप तीन पुर — जन्म, जरा और मरण रूपी नगर को नष्ट किया है। पूजन...

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आर्यिका विकुंदन श्री संघ ने बड़वानी में किया पिच्छी परिवर्तन : प्रवचन में कहा — साधु बहते पानी समान, धर्म घड़े की जुगाली करो

बड़वानी जैन मंदिर में श्रमणि आर्यिका विकुंदन श्री द्वारा पिच्छी परिवर्तन किया गया और धर्म सभा में साधना, श्रद्धा और जीवन संयम पर प्रेरक संदेश दिए गए। पढ़िए...

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