धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने संत समागम, स्वाध्याय, अभिषेक पूजन और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जीवन निर्मल होने, सम्यक दर्शन प्राप्त...
Tag - Aryika
बावनगजाजी पर आज प्रातः मुनिश्री प्रशम सागरजी, मुनिश्री प्रणुत सागरजी, मुनिश्री साध्य सागरजी, मुनिश्री जयेंद्र सागरजी का बड़वानी के निकट पार्श्वगिरी पर रात्रि...
पयुर्षण महापर्व यानी दशलक्षण पर्व का जैन धर्म में बहुत महत्व माना गया है। जैन धर्म में पर्युषण पर्व को आत्म जागृति और शुद्धि का पर्व कहा गया है। यह सभी पर्वों...
सन् 1934 की शरद पूर्णिमा के शुभ दिन जब चन्द्रमा की शुभ्र छटा सम्पूर्ण धरा को अपने आवेश में समेटे थे, तब उ.प्र. के बाराबंकी जनपद के ग्राम टिकेतनगर में बाबू...
परमपूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने आज से 67वर्ष पूर्व वैशाख कृष्णा दूज को प्रथमाचार्य आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज के प्रथम पट्टाधीश आचार्य श्री...
लेखिका – संघस्थ बाल ब्रह्मचारिणी आर्यिका श्री विश्वयशमति संकलन – राजेश पंचोलिया, इंदौर साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है पूज्य आर्यिका 105...








