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भगवान महावीर स्वामी के 2552वें निर्वाणोत्सव पर विशेष : दीपावली से शुरू हुआ था भारत का सबसे प्राचीन संवत

जैन परंपरा में दिवाली पर्व का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान महावीर स्वामी के निर्वाणोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ईसा से 527 वर्ष पूर्व कार्तिक कृष्ण अमावस्या...

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विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2025 पर विशेष : पर्यावरण पुकारे…अब भी समय है!

विश्व पर्यावरण दिवस हमें एक सतत और संतुलित जीवन जीने का संदेश देता है। इसकी शुरुआत हमारे घर की चौखट से होती है। यह एक स्मरण है – प्रकृति हमें जीवन देती है, अब...

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माँ का आशीर्वाद: हर राह को रोशन करता दीप : माँ – एक एहसास, जो शब्दों से परे है

माँ—एक शब्द, लेकिन उसमें समाया है संपूर्ण सृष्टि का प्रेम, त्याग और करुणा। माँ न केवल जीवन देती है, बल्कि हमें जीना भी सिखाती है। उसके आँचल में सुकून है, उसकी...

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दिगंबर जैन समाज का विराट व्यक्तित्व ; पंडित जयसेन जैन बाबू जी को विनम्र श्रद्धांजलि

बाबूजी जयसेन जैन के कार्यों का गुणगान करना मेरे लिए छोटा मुंह बड़ी बात होगी, लेकिन मैंने उनके विराट व्यक्तित्व को जितना देखा उसे ही बता रहा हूं। यहां आलेख...

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दिगंबर जैन समाज का विराट व्यक्तित्व ; पंडित जयसेन जैन बाबू जी को विनम्र श्रद्धांजलि

बाबूजी जयसेन जैन के कार्यों का गुणगान करना मेरे लिए छोटा मुंह बड़ी बात होगी, लेकिन मैंने उनके विराट व्यक्तित्व को जितना देखा उसे ही बता रहा हूं। यहां आलेख...

लाइफ मैनेजमेंट समाचार

Life Management-36 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : मस्तिष्क का विज्ञान-भगवान महावीर की दृष्टि में

डॉ. विनोद शर्मा अपनी पुस्तक मस्तिष्क विज्ञान और पढाई आसान में कहते है-‘हमारे दिमाग का सबसे महत्वपूर्ण काम है सूचनाओ को सही तरीके से एकत्रित करना और जरूरत पड़ने...

लाइफ मैनेजमेंट समाचार

Life Management-35 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : पहले तोलो, फिर बोलो-भगवान महावीर की दृष्टि में

शब्दों का प्रयोग करने से पहले उसे मन के तराजू में तोल लेना चाहिए। यदि वह शब्द आपको अच्छे लगते हैं तभी वह दूसरों को प्रभावित कर पाएंगे, यदि आपको वह शब्द कड़वे...

लाइफ मैनेजमेंट समाचार

Life Management-34 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : शब्द की ताकत शस्त्र से ज्यादा होती है-भगवान महावीर की दृष्टि में

शब्द के बगैर मानव गूंगा ही है साथ ही बेकार और आधारहीन है। मुनि विनय कुमार आलोक कहते है-‘शब्दों की ताकत, तलवार और गोली की ताकत से भी अधिक होती है। शब्दों के...

लाइफ मैनेजमेंट समाचार

Life Management-33 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : अधिक बोलना उथलापन है- भगवान महावीर की दृष्टि में

सभी व्यक्तियों का स्वभाव अलग-अलग होता है। हम किसी की तुलना किसी से नहीं कर सकते। परंतु बोलने के संदर्भ में हम यह अवश्य कह सकते हैं कि किसी को भी हम टका-सा जवाब...

लाइफ मैनेजमेंट समाचार

Life Management-32 जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें: वचन संयम, मौन अभ्यास-भगवान महावीर की दृष्टि में

वर्तमान युग में हम सभी को कभी न कभी गुस्सा आता ही है और जब हमें गुस्सा आता है तो क्या होता है ? उस समय होता यह हैं कि हमारा स्वयं पर नियंत्रण नहीं रहता और हमें...

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