उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का तात्पर्य है संयम और आत्म-नियंत्रण के उच्चतम स्तर को प्राप्त करना। यह न केवल शारीरिक संयम को दर्शाता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संयम...
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उत्तम आकिंचनता धर्म का अभ्यास व्यक्ति को आत्मिक संतुलन, शांति और जीवन की गहरी समझ की ओर ले जाता है। यह भौतिकता के पार जाकर एक अधिक स्थायी और आंतरिक सुकून की...
उत्तम त्याग धर्म का अभ्यास व्यक्ति की आंतरिक शांति और संतुलन को बढ़ावा देने के साथ-साथ उसके समाज और दुनिया में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यह त्याग के साथ...
उत्तम तप धर्म वह है जो हमें आत्मा की गहराई को समझने और जीवन के उच्चतम उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करता है। यह न केवल शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों को सहन...
दसलक्षण पर्व के दौरान बहुत से श्रावक-श्रावक व्रत या उपवास करते हैं। ऐसे में उपवास की पारणा सही विधि-विधान से करनी आवश्यक है। किसी व्रत या उपवास के दूसरे दिन...
स्वयं पर पूरी तरह नियंत्रण करना भी संयम माना गया है। प्राणियों की हिंसा ना हो जाए और इन्द्रियों का दुरुपयोग ना हो जाए इस बात का ध्यान रखना भी संयम है। पढ़िए...
जैन धर्म में सत्य को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे सच्चाई और ईमानदारी के रूप में देखा जाता है। जैन ग्रंथों में सत्य को “सच्चा”...
जीवन में साफगोई और स्वच्छता बडे़ मायने रखती है। स्वच्छता को ही जीवन में उतारने का भाव दर्शाता है दसलक्षण पर्व का चौथा दिन। यानी उत्तम शौच धर्म। जीवन में फैली...
दसलक्षण पर्व का तीसरा दिन उत्तम आर्जव धर्म का दिन है। धार्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण से, आर्जव का मतलब है ईमानदारी, सच्चाई और स्पष्टता। यह गुण व्यक्ति के चरित्र...
दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म का दिन है। ध्यान डर के कारण, लोभ के कारण, राग के कारण या शक्ति नहीं होने के कारण करना मार्दवता नहीं है। सर्वगुण...








