Tag - Acharya Shri Vardhaman Sagar Ji Maharaj

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धर्म के बिना कोई भी आत्मा सुखी नहीं - मुनि अपूर्व सागर पंच परमेष्ठी के मन में रहता है धर्म 

अन्याय और अधर्म इस लोक के साथ ही परलोक में भी दुख देने वाले हैं।धर्म के बिना इंसान चलती फिरती लाश के समान है । धर्म को ज्ञानी लोगों ने संचय किया है। धर्म को...

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धर्म हमारा रक्षक है बाकी सब भक्षक – मुनि अपूर्व सागर: मुनिश्री ने धर्म के बताए 16 सुख

मुनि श्री अपूर्व सागर ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन धर्म, वीतराग धर्म, सुख की खान है। यह सभी का हित करने वाला होता...

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धर्म के सिवाय कोई मित्र नहीं– मुनि अपूर्व सागर  मुनिश्री ने धर्म के बताए 16 सुख

मुनि श्री अपूर्व सागर ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन धर्म, वीतराग धर्म, सुख की खान है। यह सभी का हित करने वाला होता...

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भगवान जिनेंद्र की आज्ञा का पालन करने वाला होता है जैन: सम्यक दर्शन,सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र की एकता ही है मोक्षमार्ग

वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनि अर्पित सागर ने कहा कि जो सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र से सहित होता है, वह...

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धर्म को धारण कर मनुष्य जीवन को सार्थक करने का करें पुरुषार्थ -आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला धर्म प्राप्त करने से आत्मा के कल्याण का मार्ग होता है प्रशस्त

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सन्मति भवन पारसोला में विराजित है।आज की धर्म सभा में आचार्य श्री ने बताया कि समाज के बार-बार निवेदन गुरु भक्ति से...

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जिनवाणी को जनवाणी न बनाएं – आचार्यश्री वर्द्धमान सागर जी

– आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य में श्रीमहावीर जी में प्रभावना जनकल्याण परिषद (रजि.) के तत्वावधान में संगोष्ठी, अधिवेशन व पुरस्कार...

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