आचार्य श्री अनेकाकांतसागरजी महाराज के संघ में 6 पिछिया थी। उनका आहार विहार समाज जनों व मुनिसेवा समिति ,जो धांमनोद में बनी हुई हैउनकी टीम ने सन्त को मानपुर से...
Tag - Acharya Shri Anekant Sagarji Maharaj
नगर में प्रथम बार आचार्य श्री अभिनंदन सागरजी के परम शिष्य महामुनिराज आचार्य श्री अनेकांत सागरजी महाराज ससंघ का आगमन गुजरी से गुलझरा नाके पर हुआ, जहां जैन समाज...








