प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के समक्ष सभी समाजजनों के द्वारा 48 दीप प्रज्वलित कर के आचार्य मानतुंगाचार्य के द्वारा रचित भक्तामरजी के पाठ की आराधना की गई। पढ़िए...
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अमरकंटक में स्थित जिनालय में राजस्थानी शिल्पकारों में बहुत ही सुदर्शनीय कार्य किया है। मंदिर साढ़े चार एकड़ में बनाया गया है। भारत की प्राचीन पद्धति से बने...








