Tag - 53rd Saga of Rayansar

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मृत्यु की सच्चाई को जानना ही वैराग्य का प्रथम सोपान: आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी का प्रज्ञा अनुपम चातुर्मास का हुआ मंगल कलश स्थापना 

रयणसार की 53वीं गाथा के आधार पर रविवार को आयोजित प्रवचन में आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने कहा कि सम्यक दृष्टि और मिथ्या दृष्टि दोनों को समान 24 घंटे मिलते हैं...

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