अंतर्मखी मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में भव्य भक्तामर विधान किया गया। प्रातः बेला में प्रभात फेरी निकालकर ध्वजारोहण हुआ। दोपहर की बेला में रोग...
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किसी भी कार्य को करने के पहले शुभ लग्न और मुहूर्त को देखा जाता है। इसके अंतर्गत वार, तिथि, माह, वर्ष लग्न, योग, नक्षत्र को देखा जाता है। इस क्रम में किसी भी...
स्वर्ण प्राशन कश्यप संहिता में वर्णित रसायन है, जो कि शुद्ध स्वर्ण भस्म, ब्राह्मी स्वरस, शंखपुष्पी स्वरस, गिलोय स्वरस, बला स्वरस एवं गौघृत इत्यादि औषधियों से...








