Tag - भक्तामर_स्तोत्र

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भक्ति से उपसर्ग दूर होते हैं, भक्तामर और शांति भक्ति से अनेक उदाहरण : गुणों का अनुराग ही भक्ति है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में कहा कि भक्ति का अर्थ गुणों का अनुराग है और भक्ति से जीवन के उपसर्ग दूर हो जाते हैं। उन्होंने शास्त्रों और उदाहरणों...

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सनावद में 48 दीपों से हुई भक्तामर आराधना :  मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज ने प्रत्येक पद का भावार्थ समझाते हुए कराई दीपों से विशेष आराधना

सनावद स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मुनि श्री विश्व सूर्य सागर जी एवं मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज के सानिध्य में सायंकाल 48 दीपों से...

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