धरियावद के श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में चल रही चार दिवसीय “कौन बनेगा चारित्र चक्रवर्ती पदक विजेता” प्रतियोगिता के दूसरे दिन नम्रता वणावत ने...
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आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में कहा कि भक्ति का अर्थ गुणों का अनुराग है और भक्ति से जीवन के उपसर्ग दूर हो जाते हैं। उन्होंने शास्त्रों और उदाहरणों...
रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज और मुनि श्री 108 प्रत्यक्ष सागर महाराज के निर्देशन में दो दिवसीय जैन युवा सेमिनार का आयोजन हुआ। पढ़िये...








