आर्यिका श्री सुयोग्य नंदिनी माताजी को जैन धर्म, आध्यात्मिक साधना, ब्रह्मचर्य, आत्मसंयम तथा जिनवाणी के व्यापक प्रचार-प्रसार में उनके युगप्रवर्तक योगदान के लिए...
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कई नगरों में आचार्य शांति सागर जी की पाषाण और धातु की प्रतिमाएं विराजित हुई हैं। उनके शांति स्तूप भी विराजित किए गए हैं। प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज...
श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान आराधना महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन इंदौर के श्री महावीर दिगंबर मंदिर परिवहन नगर में 7 से 14 दिसंबर तक आयोजित किया...
धर्मनगरी गींगला में मुनि अपूर्व सागरजी, मुनि अर्पित सागरजी व मुनि विवर्जित सागरजी के सानिध्य में तीन लोक महामंडल विधान का समापन विश्वशांति महायज्ञ के साथ हुआ।...
नौगामा में उत्तम संयम धर्म व सुगंध दशमी पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा से मनाया गया। दिनभर हुए धार्मिक अनुष्ठानों में शांति धारा, तत्वार्थ सूत्र पाठ, शोभा यात्रा...
सनावद में युगल मुनिराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व का शुभारंभ उत्तम छमा धर्म के साथ हुआ। सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा, गुरु भक्ति और प्रवचनों से पूरा नगर धर्ममय...
दिगम्बर जैन समाज का पर्यूषण महापर्व 28 अगस्त से 6 सितम्बर तक पश्चिम बंगाल के चितरंजन मिहिजाम स्थित श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में मनाया जाएगा। इस दौरान दस...
मुरैना में मुनिश्री विबोधसागरजी ने प्रवचन में कहा कि पर्युषण पर्व मन की मलिनता को दूर कर आत्मा को निर्मल बनाने का पर्व है। इस वर्ष पर्व 28 अगस्त से 6 सितंबर तक...
आचार्य वर्धमान सागर जी ने टोंक चातुर्मास प्रवचन में कहा कि साधु का जीवन आगम अनुसार होना चाहिए। समाज को संगठित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रथमाचार्य...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने संत समागम के दौरान धर्म को रागी से बैरागी बनने का मार्ग बताया। प्रथमाचार्य शांतिसागर जी महाराज के अविस्मरणीय योगदानों का...








