सहारनपुर में दशलक्षण पर्व के अंतर्गत आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने कहा कि संग्रहवृति दुःख का कारण है और त्याग धर्म ही जीवन को सुखी बनाता है। निस्वार्थ दान और...
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ललितपुर में पर्युषण पर्व के दौरान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि तप आत्मा को निर्मल बनाता है और इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी साधना है।...
आगरा के कटरा इतवारी खां स्थित श्री चन्द्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म का पालन भक्तिमय वातावरण में हुआ। जिनाभिषेक, पूजा...
जैन समाज के सबसे महत्वपूर्ण पर्व पर्युषण के तीसरे दिन परेड मंदिर में सामूहिक पूजा-अर्चना के साथ उत्तम आर्जव धर्म का पालन किया गया। यह धर्म हमें कपट त्यागने और...
मुरैना के बड़े जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन मुनिश्री विबोधसागर जी ने उत्तम मार्दव धर्म का महत्व समझाते हुए कहा कि अहंकार आत्मा के पतन का कारण है और...
रामगंजमंडी में आचार्य विनिश्चय सागर जी महाराज के सानिध्य में रक्षाबंधन महोत्सव एवं श्रेयांशनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक मनाया गया। निर्वाण लाडू अर्पित किए गए...
पथरिया में चातुर्मास के दौरान मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने कहा कि किसी की तकलीफ़ को समझना शक्ति नहीं, बल्कि सच्ची इंसानियत की निशानी है। उन्होंने करुणा...
मुनिश्री विलोकसागर महाराजजी ने बड़े जैन मंदिर में धर्मसभा में स्वाध्याय के बारे में बता रहे हैं। नित्य सुबह ग्रंथों के माध्यम से महत्व समझा रहे हैं। रविवार को...
जैन धर्म में चातुर्मास का महत्व काफी बताया गया है। दिगंबर जैन समाज के धर्मावलंबी चातुर्मास के लिए कितने उत्साहित रहते हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जाता है...








