आचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज के मंगल निर्देशन में रविवार को जिनागमपंथी श्रावक संघ सहारनपुर का 20 वां साप्ताहिक सामूहिक जिनाभिषेक श्री दिगंबर जैन पंचायती...
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नगर में शनिवार को सुबह आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज के मंगल आशीर्वाद से जिनागमपंथी श्रावक संघ सहारनपुर का 18वां साप्ताहिक सामूहिक जिनाभिषेक श्री दिगंबर...
‘जीवन है पानी की बूंद’ महाकाव्य के मूल रचनाकार आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज, जिनके पादमूल में 35 पिच्छीधारी संयमी साधक संयम की साधना, रत्नत्रय की...
मुज़फ़्फ़रनगर की पावन धर्मधरा पर 35 पिच्छीधारी संयमियों के साथ आचार्य श्री विमर्शसागर जी अपूर्व धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। जैन मिलन विहार में उपस्थित विशाल...
यान रखो भगवान जैसा रूप एवं स्वरूप पाने के लिए हमें भगवान की जरूरत है, आवश्यकता है। स्वयं के आत्मा को परमात्मा बनाने के लिए हम धर्म अनुयान करते हैं। ऐसा मांगलिक...
नगर में 24 समवशरणों की अनुपम रचना की गई है। कल्पतीर्थ मण्डपम् में श्री 1008 कल्पद्रुम महामण्डल विधान की आराधना चल रही है।आचार्य श्री विमर्श सागर जी के विशाल...
24 घंटे में एक कार्य स्वार्थ रहित होकर अवश्य करें : आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने कहा-जीवन संवर जाएगा
जीवन है पानी की बूंद महाकाव्य के मूल रचनाकार आचार्य श्री विमर्शसागर जी अपने विशाल चतुर्विध संघ (30 पिच्छी) के साथ प्रथम बार प्राचीन धर्मनगरी रामपुर मनिहारान...
सहारनपुर के जैनबाग प्रांगण में देखने को मिला एक अनूठा दृश्य। राजधानी दिल्ली से पधारे जिनागम पंथी श्रावक संघ के बाल-युवा साथी जब एक जैसे लाल रंग के परिधान में...
जिनागम पंथ जयवंत हो और आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज के गगनभेदी जयकारों से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान हो गया, जब धर्मनगरी शामली से पधारे दो शतक (200)...
अप्पोदया प्राकृत टीका पर त्रिदिवसीय राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने श्री योगसार प्राकृत संस्कृत ग्रंथ पर एक हजार...








