Tag - आचार्य श्री विमर्शसागर जी

समाचार

24 घंटे में एक कार्य स्वार्थ रहित होकर अवश्य करें : आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने कहा-जीवन संवर जाएगा

जीवन है पानी की बूंद महाकाव्य के मूल रचनाकार आचार्य श्री विमर्शसागर जी अपने विशाल चतुर्विध संघ (30 पिच्छी) के साथ प्रथम बार प्राचीन धर्मनगरी रामपुर मनिहारान...

समाचार

परिवार, समाज, राष्ट्र सुरक्षा के लिए युवाओं को धर्म के संस्कार दें: आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने सहारनपुर की धर्मसभा में दी मंगल देशना 

सहारनपुर के जैनबाग प्रांगण में देखने को मिला एक अनूठा दृश्य। राजधानी दिल्ली से पधारे जिनागम पंथी श्रावक संघ के बाल-युवा साथी जब एक जैसे लाल रंग के परिधान में...

समाचार

भक्ति वह ताकत है जो भगवान को भी अपनी ओर खींच लेती है: शामली जैन समाज ने की भावना, विमर्श उत्सव हमारी नगरी में मनाया जाए 

जिनागम पंथ जयवंत हो और आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज के गगनभेदी जयकारों से संपूर्ण वातावरण गुंजायमान हो गया, जब धर्मनगरी शामली से पधारे दो शतक (200)...

समाचार

द्रव्य पूजा की खींचतान में भावपूजा हो रही नष्ट: आचार्य श्री विमर्श सागर जी जैन समाज के विखंडन में मूल कारण अंतरंग भाव पूजा की कमी 

अप्पोदया प्राकृत टीका पर त्रिदिवसीय राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने श्री योगसार प्राकृत संस्कृत ग्रंथ पर एक हजार...

समाचार

जो शाश्वत उसे प्राप्त करना उत्तम सत्य धर्म : आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने बताया उत्तम शौच धर्म का महत्व

उत्तम सत्य धर्म-दूसरों को पीड़ादायक कठोर वचन परनिंदापरक वचन, झूठ वचन तथा दूसरों को नीचा दिखाने वाले वचन, असत्य की श्रेणी में आते हैं। सहारनपुर से पढ़िए, सोनल...

समाचार

जीवन में जो उपलब्धियां सफलताएं प्राप्त हैं वे धर्म का फल: आचार्य श्री विमर्श सागर जी ने धर्म का जीवन में महत्व किया प्रतिपादित 

नगर में चातुर्मास कर रहे भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने श्री भक्तामर महिमा शिक्षण शिविर में कहा कि आपको अपने जीवन में जो भी अनुकूलताएं...

समाचार

विनय का सुगंधित गुलदस्ता है श्री भक्तामर स्तोत्र : आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने समझाई भक्तामर की महिमा 

आचार्य श्री विमर्शसागर जी का चातुर्मास सहारनपुर उप्र में चल रहा है। यहां पर नित भक्ति के साथ पूजन-अर्चन और धर्म आराधना का दौर जारी है। नित प्रवचन में...

समाचार

गुलदस्ता है यह जगत आप क्या चुनते हैं फूल या कांटे: आचार्य श्री विमर्शसागर जी की धर्मसभा में भक्तामर की महिमा पर हो रहा व्याख्यान 

जीवन में अच्छाइयां बड़ी कठनाई से प्राप्त होती है और बुराइयां मानव के जीवन में हरपल दरवाजा खटखटाती रहती है। बड़ी गजब की बात है कि मानव अपने जीवन में गुण चाहता है...

समाचार

आचार्य श्री विमर्शसागर जी का सहारनपुर में 30 वां चातुर्मास: गुरु पूर्णिमा के दिन होगा मंगल कलश स्थापित

आचार्यश्री विमर्शसागर जी 10 जुलाई को संपूर्ण आचार्य संघ निर्जल उपवास के साथ वर्ष 2025 के चातुर्मास के लिए मंगल कलश स्थापना करेंगे। सुबह 10 बजे से ही कार्यक्रम...

समाचार

गुणों की पहचान बिना मिट्टी का घड़ा भी नहीं मिलता : मप्र में पढ़ाई जा रही आचार्यश्री की रचनाएं 

आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने देशभक्ति से ओतप्रोत देश और धर्म के लिए जिओ रचना लिखी, जिसे मध्यप्रदेश शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। आचार्य श्री...

You cannot copy content of this page