पर्युषण पर्व के नवें दिन अभिनंदनोदय तीर्थ में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री अविचल सागर महाराज ने कहा संकल्प विकल्प की परिणति का त्याग ही आकिंचन धर्म...
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तपने से जैसे अशुद्ध वस्तु शुद्ध होती है, उसी तरह अपनी आत्मा को तप के माध्यम से जब तपाते हैं तो जीवन में निखार एवं परिणामों में निर्मलता आती है। उक्त विचार मुनि...
संयमी व्यक्ति का जीवन संयत और निर्मल बताते हुए मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा जिनको हम मन से निषिद्ध कर देते हैं और मन पर हावी नहीं होने देते संयम की प्रथम...
ललितपुर (राजीव सिंघई मोनू)। आचार्य श्रेष्ठ परम पूज्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य परम पूज्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य परम...








