व्यसन करने वाले को सभी जगह हेय दृष्टि से देखा जाता है, ऐसा व्यक्ति सर्वत्र निंदा का पात्र बनता है। यह उद्गार मुनि श्री विलोकसागरजी महाराज ने बड़ा जैन मंदिर में...
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वर्षायोग के चार माह धर्म ध्यान, पूजन, तप, स्वाध्याय, भक्ति एवं साधना के लिए सबसे उत्तम समय रहता है। इस समय का सभी श्रावकों को सदुपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर...
मुनिश्री विलोकसागर जी महाराज एवं मुनिश्री विबोध सागर जी महाराज द्वारा कक्षाओं के माध्यम से पूर्व आचार्यो द्वारा रचित ग्रंथों का पठन- पाठन चल रहा है।मुरैना से...
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में विराजमान मुनिश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विवोधसागरजी महाराज ने श्री जिनेंद्र भगवान के समक्ष भक्ति एवं...
ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों को संस्कारवान बनाने एवं अपनी संस्कृति से परिचित कराने के लिए 10 दिवसीय संस्कार शिविर बड़े जैन मंदिर में लगाए गए। समाज के श्रेष्ठी...
बड़े जैन मंदिर में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान 512 अर्घ्य समर्पित किए गए। इस अवसर पर मुनिश्री विलोक सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि...








