Tag - जिनवाणी

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श्री शांति सागरजी ने धर्म, जिनालय, जिनवाणी, संस्कृति की रक्षा हेतु महान कार्य कियाः जैन धर्म अनादि निधन धर्म है 

आचार्यश्री वर्धमान सागरजी महाराज का 33 साधु सहित धर्म नगरी प्रतापगढ़ में एक अप्रैल को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जूना मंदिर में आयोजित धर्मसभा में आचार्यश्री ने...

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धामनोद में श्री पद्म प्रभुजी भगवान की नूतन प्रतिमा का आगमन: भगवान की प्रतिमा का चल समारोह निकाला 

पावागिरी सिद्ध क्षेत्र ऊन से भगवान पद्मप्रभु जी की नूतन प्रतिमा का नगर में आगमन हुआ। श्री पद्म प्रभुजी की प्रतिमा अर्पित ललितकुमार अनिक जैन लेकर आए। जैन मंदिर...

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सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभः आचार्य धर्मसागरजी का 57वां आचार्य पद एवं आचार्यश्री वर्धमान सागरजी का 57 संयम वर्ष मनाया गया 

फागुन माह की अष्टाहिंका पर्व के पूर्व दश लक्षण पर्व आते है। यह पर्व वर्ष में 3 बार आते है। सिद्ध भगवान अशरीरी हैं उनके पूजन के साथ भक्ति से हम शरीरी मानव की...

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नगर के व्यवसाई सरियाजी ने दीक्षा हेतु किया निवेदनः सिद्ध भगवान का समुदाय ही सिद्धचक्र कहलाता हैं-आचार्यश्री वर्धमान सागरजी

आचार्यश्री वर्धमान सागरजी धरियावद विराजित हैं। नगर के व्यवसाई ने दीक्षा हेतु आचार्यश्री को निवेदन किया। आचार्यश्री ने पूजन के दौरान चढ़ाए जाने वाले द्रव्य किस...

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उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने किया विमोचनः सहज पथगामी ग्रंथ का भव्य विमोचन हुआ

आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज के ससंघ सानिध्य में मैनपुरी के मुनिश्री सहज सागरजी महाराज के जीवनवृत्त पर आधारित ग्रंथ ‘सहज पथगामी‘ का भव्य विमोचन उत्तर...

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गुरु की कृपा आशीर्वाद से शिष्यों के सब कार्य पूर्ण होते हैं-आचार्यश्री वर्धमान सागरजीः प्रभु भक्ति से वाणी और नेत्र ज्योति पुनः प्राप्त हुई 

धरियावद आचार्यश्री वर्धमान सागरजी संघ सहित विराजित हैं। संघ सानिध्य में आचार्यश्री धर्म सागरजी का 57 वां आचार्य पदारोहण वर्ष एवं आचार्यश्री वर्धमान सागरजी का...

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भव्य मंगल प्रवेश हुआः बैंड-बाजे, बग्घी घोड़े और लवाजमे के साथ निकला चल समारोह

माँ अहिल्या की नगरी और प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर में पूज्य मुनि श्रुत संवेगी आदित्य सागरजी, अप्रमित सागरजी, सहज सागरजी, आराध्य सागरजी, एवं क्षुल्लक श्रेयस...

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श्री शांतिसागरजी ने जिनवाणी को ताम्र-पत्र पर अंकित कराने की प्रेरणा दीः पारसोला प्रथम नगर जहां आचार्यश्री शांतिसागरजी की दो प्रतिमाएं विराजित

वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागरजी 33 साधु सहित पारसोला में विराजित है। पारसोला दिगंबर जैन समाज अनन्य गुरुभक्त समाज है, जिन्होंने किए संकल्प वचन का...

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सक्रिय दुर्जनों और निष्क्रिय सज्जनों से बिगड़ता है समाज: मुनिश्री विनम्र सागर जी के प्रवचनों का लाभ ले रहे जैन धर्मावलंबी

मुनिश्री विनम्र सागर जी महाराज कालानी नगर स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन त्रिमूर्ति मंदिर में धर्म सभा को नित संबोधित कर रहे हैं। यहां पर प्रवचनों के अलावा...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : देव, शास्त्र, गुरु, धर्म कल्पवृक्ष हैं, जिनवाणी कामधेनु है- आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

 पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमानसागर जी खांदूकालोनी, बांसवाड़ा में संघ सहित विराजित हैं। आज की धर्मसभा में मंगल देशना में बताया कि वर्तमान में कर्मभूमि का...

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