Tag - उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म

समाचार

12 किलो का निर्वाण लड्डू समर्पित किया भगवान वासुपूज्य को : अष्टद्रव्य से की दशलक्षण धर्म की पूजा-आराधना 

श्री दिगंबर जैन मंदिर टोली आवास विकास में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिवस उत्तम ब्रह्मचर्य के दिन बड़े उत्साह उल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें प्रात काल जैन...

समाचार

पयुर्षण पर्व के दसवें दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म मनाया : भक्तों ने किया वासुपूज्य भगवान का पूजन

श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर सेठ बिहारी लाल जी की धर्मशाला गुदड़ी मंसूर खां में गुदड़ी मंसूर खां जैन समाज के तत्वावधान में पयुर्षण महापर्व के दसवें एवं अंतिम...

समाचार

साधनाओं का द्वार है ब्रह्मचर्य : आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी

पर्युषण महापर्व के अवसर पर आयोजित आध्यात्मिक श्रावक संयम साधना संस्कार शिविर में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने संबोधन करते हुए कहा कि ब्रह्मचर्य महान् व्रत...

समाचार

दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के बारे में : इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण ही ब्रह्मचर्य धर्म- मुनि पूज्य सागर महाराज

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के दसवें दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर मुनि श्री ने धर्मसभा...

समाचार

उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर विशेष आलेख: अपनी आत्मा मे रमण ही उत्तम ब्रह्मचर्य है।

आज उत्तम आंकिंचन का दिन है और यह धर्म हमें यही सिखाता है कौन हु, कहा से आया हु, कहा जाना है और कैसे जाना है यह विचार करने का समय आ गया है आज क्योंकि मन की...

समाचार

इंदौर में दसलक्षण पर उपवास करने वालों का परिचय-2 : आगे की श्रृंखला में दिशा, कमलेश, वैभवी, मंजू, रूपेश कुमार, प्रियंका, अंकित, मीनाक्षी ने किए उपवास 

भाद्रपक्ष के महीने आने वाले पर्युषण पर्व पर जैन समाज में दस दिन तक उपवास आदि की साधना प्रारंभ हो जाती है। 8 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 साल तक के बुजुर्ग अपनी...

समाचार

कहानी उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की : अपनी आत्मा को शुद्ध बनाना ही उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म

ब्रह्मचर्य का मुख्य उद्देश्य आत्म-नियंत्रण और आत्म-ज्ञान की ओर अग्रसर होना है। यह विशेष रूप से संयम, ध्यान, और आत्म-निर्माण के प्रति वचनबद्धता को दर्शाता है।...

समाचार

इंदौर में दसलक्षण पर उपवास करने वालों का परिचय-1 : ट्विंकल,कविता,कविश,विकास ने किए उपवास

भाद्रपद के महीने आने वाले पर्युषण पर्व पर जैन समाज में दस दिन तक उपवास आदि की साधना प्रारंभ हो जाती है। 8 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 साल तक के बुजुर्ग अपनी शक्ति...

आलेख

दसलक्षण महापर्व (पर्यूषण पर्व), अनंत चतुर्दशी, दसवां दिन 17 सितम्बर : अपनी आत्मा में रमण करना उत्तम ब्रह्मचर्य है

ब्रह्मचर्य जो हमारी साधना का मूल है, सभी साधनाओं में ब्रह्मचर्य को सबसे प्रमुख स्थान दिया गया हैं। आत्मा ही ब्रह्म है उस ब्रह्मस्वरूप आत्मा में चर्या करना सो...

You cannot copy content of this page