Tag - अहिंसा

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अहंकार जीव को पतन की ओर ले जाता है – बड़े जैन मंदिर में प्रवचन : विनम्रता से ही आत्मा का उद्धार संभव है – मुनिश्री विबोधसागर

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन मुनिश्री विबोधसागर जी ने उत्तम मार्दव धर्म का महत्व समझाते हुए कहा कि अहंकार आत्मा के पतन का कारण है और...

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युगल मुनिराज सानिध्य में उत्तम छमा धर्म से हुई पर्युषण पर्व की शुरुआत : नगर में सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा व प्रवचनों से गूंजा जैन समाज

सनावद में युगल मुनिराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व का शुभारंभ उत्तम छमा धर्म के साथ हुआ। सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा, गुरु भक्ति और प्रवचनों से पूरा नगर धर्ममय...

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दसलक्षण महापर्व धर्म के दस लक्षणों से जीवन और समाज में शान्ति स्थापित करता है : विश्व शान्ति का आधार है दसलक्षण महापर्व – आचार्य विमर्श सागर जी

आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ने कहा कि दसलक्षण महापर्व केवल जैनों का पर्व नहीं है बल्कि यह सम्पूर्ण मानव समाज के लिए जीवनोपयोगी है। धर्म के दस लक्षण...

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28 अगस्त से 6 सितंबर तक चलेगा दस दिवसीय दसलक्षण पर्व : मन की मलिनता को निर्मल करते हैं पर्यूषण पर्व – मुनिश्री विबोधसागर

मुरैना में मुनिश्री विबोधसागरजी ने प्रवचन में कहा कि पर्युषण पर्व मन की मलिनता को दूर कर आत्मा को निर्मल बनाने का पर्व है। इस वर्ष पर्व 28 अगस्त से 6 सितंबर तक...

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मन और वचन में अंतर तिर्यंच गति का कारण है : मायाचारी से बचना जरूरी है – आचार्य विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए कहा कि मायाचारी तिर्यंच गति का कारण बनती है। मन में कुछ और वचन में कुछ कहना...

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मूर्छा भाव व्यक्ति को नियम संयम से दूर करता है : मनुष्य जन्म को साधना और धर्म से सार्थक करें – आचार्य श्री

आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने रामगंजमंडी में प्रवचन देते हुए कहा कि मोह और मूर्छा भाव के कारण मनुष्य धर्म और संयम से भटक जाता है। मनुष्य जन्म को धर्म...

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भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने किया केशलौंच : सहारनपुर में आर्यिका माताजी ने भी दीक्षा उपरांत प्रथम केशलौंच किया

सहारनपुर में भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज ने प्रातः बेला में दिगंबर मुनियों की कठोर चर्या केशलौंच सम्पन्न किया। उनके साथ आर्यिका विमर्शिता...

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मुनिश्री विबोधसागर ने कहा जैन दर्शन में त्रिरत्न ही सर्वाेपरि : बड़े जैन मंदिर में मधुर प्रवचन से हो रही धर्म प्रभावना 

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में जैन संतों के आध्यात्मिक मंगल वर्षायोग में प्रतिदिन चल रही मधुर प्रवचनों की श्रृंखला में आचार्यश्री आर्जवसागरजी...

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आचार्य श्री ने किया केशलोचन, धर्मसभा में गूंजी वैराग्य की वाणी : ज्ञान आत्मा का दर्पण है -आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

टोंक नगर में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने मंगल देशना देते हुए कहा कि ज्ञान आत्मा का दर्पण है जिसके द्वारा अपनी कमियों को सुधारा जा सकता...

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मुनि श्री संधान सागर महाराज ने किया 24 घंटे का प्रतिमायोग : भोपाल में एक ही आसन में ध्यानस्थ रहे मुनि श्री

भोपाल के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मुनि श्री संधान सागर महाराज ने सोमवार प्रातः 5 बजे से लगातार 24 घंटे तक प्रतिमायोग साधना धारण की। वे 48 घंटे बाद ही...

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