जैन धर्म में सत्य को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे सच्चाई और ईमानदारी के रूप में देखा जाता है। जैन ग्रंथों में सत्य को “सच्चा”...
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अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के चौथे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर बड़े ही हर्षोल्लास के...
जीवन में साफगोई और स्वच्छता बडे़ मायने रखती है। स्वच्छता को ही जीवन में उतारने का भाव दर्शाता है दसलक्षण पर्व का चौथा दिन। यानी उत्तम शौच धर्म। जीवन में फैली...
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के चतुर्थ पड़ाव के दसवें दिन व पर्युषण पर्व के तीसरे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर...
दसलक्षण पर्व का तीसरा दिन उत्तम आर्जव धर्म का दिन है। धार्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण से, आर्जव का मतलब है ईमानदारी, सच्चाई और स्पष्टता। यह गुण व्यक्ति के चरित्र...
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के चतुर्थ पड़ाव के नवें दिन व पर्युषण पर्व के दूसरे ले दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर...
दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म का दिन है। ध्यान डर के कारण, लोभ के कारण, राग के कारण या शक्ति नहीं होने के कारण करना मार्दवता नहीं है। सर्वगुण...
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के चतुर्थ पड़ाव के आठवें दिन व पर्युषण पर्व के पहले दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर...
दसलक्षण पर्व त्रैकालिक शाश्वत पर्व है। यह पर्व न तो किसी व्यक्ति विशेष से और न ही किसी घटना विशेष से संबंधित है, बल्कि इसका संबंध तो आध्यात्मिक भावों से है। यह...
दसलक्षण पर्व दिगंबर जैन परंपरा में प्रमुखता से मनाया जाता है। यह दस दिनों का एक विशेष धार्मिक उत्सव है। यह पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी से शुरू होकर...








