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स्यादवाद महिला मंडल ने चढ़ाया निर्वाण लाड़ू: कृत्रिम गिरनार पर्वत का किया निर्माण 


तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पूर्वक मनाया गया। आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के शिष्य मुनिश्री शिवानंदजी महाराज एवं मुनिश्री प्रश्मानंदजी महाराज के सान्निध्य में 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी का निर्वाण लाड़ू महोत्सव मनाया गया। नईदिल्ली से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…


नई दिल्ली। तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पूर्वक मनाया गया। जिसमें स्यादवाद महिला मंडल शकरपुर दिल्ली ने पूर्ण श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सहभागिता की। स्यादवाद महिला मंडल की अध्यक्षा कुसुम जैन एवं महामंत्री नीलम जैन ने बताया कि श्री दिगंबर जैसवाल जैन उपरोचियां परिषद द्वारा आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के शिष्य मुनिश्री शिवानंदजी महाराज एवं मुनिश्री प्रश्मानंदजी महाराज के सान्निध्य में 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी का निर्वाण लाड़ू महोत्सव मनाया गया। इस पावन अवसर पर कृत्रिम गिरनार पर्वत की रचना की। पर्वत की चोटी पर तीर्थंकर नेमिनाथ जी को विराजमान कर भक्तिभाव एवं श्रद्धा के साथ निर्वाण कांड का वाचन करते हुए निर्वाण लाड़ू समर्पित किया गया। यह संगठन लगभग 30 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत है। इसमें स्यादवाद महिला मंडल शकरपुर दिल्ली ने पूर्ण समर्पण एवं भक्ति के साथ हिस्सा लिया। सभी सदस्याएं अपने मंडल की विशेष परिधान में उपस्थित रहीं। मंडल की सभी महिलाओं ने थालियों में निर्वाण लाड़ू को रखकर श्रद्धा के साथ सिर पर धारण किया।

मंचासीन मुनिराजों ने निर्वाण महोत्सव की सभी क्रियाओं को मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराया। निर्वाण लाड़ू महोत्सव के अवसर पर स्यादवाद महिला मंडल की संरक्षक मुन्नी महेंद्र जैन मधुवन, कुसुम जैन, नीलम देवेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष सुनीता जैन, डोली सुदर्शन जैन मधुवन, अनीता प्रदीप जैन वसुंधरा, मनीषा मनोज जैन नोएडा, पुष्प जैन, लक्ष्मी सुनील जैन ग्रीन पार्क, सुमन सुनील जैन (बरबाई वाले) मुख्य रूप से उपस्थित थीं।

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