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धूप की खुशबू से महके जिनालय : मनोहारी झांकियों से सजे मंदिर


शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7 आवास विकास कालोनी सिकंदरा में पर्युषण महापर्व के मौके पर उत्तम संयम धर्म के छठवे दिन सुगंध दशमी का पर्व मनाया गया। सर्व प्रथम मूल नायक भगवान श्री शांतिनाथ जी एवं भगवान महावीर भगवान का अभिषेक चार महानुभावों द्वारा स्वर्ण कलश से किया गया और इन्हीं चारों महानुभावों द्वारा रजत मुकुट और माला धारण कर रजत झारियौं से शांति धारा भी की गई। पढ़िए राहुल जैन की रिपोर्ट….


आगरा। शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7 आवास विकास कालोनी सिकंदरा में पर्युषण महापर्व के मौके पर उत्तम संयम धर्म के छठवे दिन सुगंध दशमी का पर्व मनाया गया। सर्व प्रथम मूल नायक भगवान श्री शांतिनाथ जी एवं भगवान महावीर भगवान का अभिषेक चार महानुभावों द्वारा स्वर्ण कलश से किया गया और इन्हीं चारों महानुभावों द्वारा रजत मुकुट और माला धारण कर रजत झारियौं से शांति धारा भी की गई। इसे धूप दशमी, धूप खेवन पर्व भी कहा जाता है। इस पर्व के तहत जैन धर्मावलंबी सभी जैन मंदिरों में जाकर श्रीजी के चरणों में धूप अर्पित करते हैं। जिससे वायुमंडल सुगंधित व स्‍वच्‍छ हो जाता है।

धूप की सुगंध से जिनालय महक उठते है। सभी श्रद्धालुओं ने धूप चढाई गयी l मंदिर जी में नवीन रजत पंचमेरू, (रजत व स्वर्ण) गंगा जमुनी मय अस्सी मंदिरों के साथ स्थापित किए गए। मुख्य मेरु की स्थापना श्रावक श्रेष्ठी मगन कुमार जैन कोषाध्यक्ष ने की उनकी ओर से स्थापना मंत्री विजय निमोरव ने की। शेष चारौं मेरु चार अन्य महानुभावों द्वारा उनकी कीमत देकर प्राप्त हुआ।यह क्रमश यज्ञनायक परिवार से श्रावक श्रेष्ठी अरुण जैन, संस्थापक ट्रस्टी शोभित जैन सेक्टर छह, श्रावक श्रेष्ठी अनिल जैन पर्युल्ल जैन सेक्टर दस मोटर वाले, श्रावक श्रेष्ठी अनिल आदर्श जैन संभव जैन संस्थापक ट्रस्टी व श्रावक श्रेष्ठी मानिक चंद बैनारा दीपक बैनारा विकास बैनारा सेक्टर छह ई थे।

सभी मेरुओं पर सोलह सोलह मंदिर बनाए गए हैं। इसके उपरांत सामूहिक आरती और संगीत मय पूजन किया गया विधि विधान की क्रिया श्री शुभम जैन शास्त्री एवं आदिश जैन मथुरा द्वारा कराई गई l आज पंडित शुभम शास्त्री एवं आदिश जैन शास्त्री ने कहा संयम बड़ी सावधानी से” अपनी इंद्रियों को वश मे करना, संयम है । व्रत व समिति का पालन करना, मन-वचन-काय की अशुभ प्रवत्तियों का त्याग करना, इन्द्रियों को वश में करना उत्तम संयम धर्म है। सभी जीवों की रक्षा करना तथा करने का भाव निरंतर होना, प्राणी संयम है। श्री शांतिनाथ युवा मंडल ने मंदिर में कुंडलपुर वाले बाबा की प्रथम तीर्थंकर बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान व 24वें तीर्थंकर शासक नायक भगवान महावीर स्वामी जी की मनमोहक झांकी, भगवान का पालना, झरना, गाय का दूध के नीचे भगवान महावीर की मूर्ति निकालते हुई, आदि झांकी सजवाई। इनका अनावरण एवं झुलाने पालना का काम श्रीमती बेबी जैन व आरती करने का सौभाग्य ने वंदना बाकलीवाल ने प्राप्त किया।

जैन समाज के लोग देखने के उत्साहित थे। इसके बाद श्री जी की आरती उतारी। शांतिनाथ युवा मंच के जितेश जैन, वैभव जैन, मोहित जैन, राकेश जैन पेंट, विपुल जैन, राकेश जैन टीचर,आशीष जैन,आलोक जैन,सिद्धार्थ जैन, दीपेश जैन, दीपक बैनारा, अनन्त जैन, अभिषेक जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन थे l आज रंगोली प्रतियोगिता हुई एवं शास्त्र, आरती के थाल सजाए गए। श्री शांतिनाथ मंदिर प्रबंध कमेटी के राजेश बैनाड़ा, विजय जैन निमोरब, मगन कुमार जैन, महेश चंद जैन, अनिल आदर्श जैन, अरुण जैन, सतीश जैन, हेमा जैन, राजेंद्र जैन, राकेश जैन पेंट, मनोज जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित सकल जैन समाज मौजूद आदि थे। 14 सितम्बर को सुबह 7 बजे अभिषेक पूजन एवं श्री शान्तिनाथ पाठशाला की प्रस्तुति कार्यक्रम शाम को सांय 8:30 बजे से होगी l

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