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संस्कार और समग्र शिक्षा का केंद्र बना श्री विद्यासागर गुरुकुलम : भोपाल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर


आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के समन्वय का अद्भुत उदाहरण बनकर उभर रहा श्री विद्यासागर गुरुकुलम् एक बार फिर प्रवेश सत्र 2025-26 को लेकर चर्चा में है। कक्षा 5 से 8 तक प्रवेश तथा कक्षा 5 से 12 तक अध्ययन की सुविधा वाले इस आवासीय गुरुकुल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। भोपाल से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह खबर…


भोपाल (बैरसिया रोड)। आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के समन्वय का अद्भुत उदाहरण बनकर उभर रहा श्री विद्यासागर गुरुकुलम् एक बार फिर प्रवेश सत्र 2025-26 को लेकर चर्चा में है। कक्षा 5 से 8 तक प्रवेश तथा कक्षा 5 से 12 तक अध्ययन की सुविधा वाले इस आवासीय गुरुकुल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गुरुकुल प्रशासन के अनुसार यहां छात्र केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक रूप से भी सशक्त बन रहे हैं। विद्यार्थी संस्कृत, प्राकृत और अंग्रेजी में दक्षता प्राप्त कर रहे हैं, वहीं वैदिक एवं जैन गणित, सामान्य ज्ञान और विज्ञान प्रयोगों के माध्यम से बौद्धिक क्षमता को भी निखारा जा रहा है। अनुशासन को जीवन का प्रथम केंद्र बिंदु बनाया गया है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का नियमित प्रशिक्षण 

शारीरिक विकास के अंतर्गत मलखम, जूडो-कराटे, कुश्ती, तलवारबाजी, नृत्य, वादन-गायन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंच संचालन और अभिनय कला में भी छात्र अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुकुल में विद्यार्थियों को खेती, गौसेवा, बीज निर्माण, कैमिकल रहित उत्पाद निर्माण जैसे 50 से अधिक लघु कुटीर उद्योगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

सीसीटीवी लैस सुरक्षा व्यवस्था

प्रबंधन का दावा है कि यहां तैयार हो रहे विद्यार्थी भविष्य में रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनेंगे। प्रशासनिक सेवाओं, मल्टीनेशनल कंपनियों और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्हें मार्गदर्शन दिया जा रहा है। परिसर में आवासीय छात्रावास, उत्तम भोजनशाला, खेल मैदान, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और सीसीटीवी लैस सुरक्षा व्यवस्था है।

प्रवेश प्रक्रिया स्थल पर ही पूर्ण होगी 

छात्रों को शुद्ध जैविक भोजन और गिर गाय का घी-दूध प्रदान किया जाता है। प्रबंधन के अनुसार पिछले दो वर्षों में दवाइयों पर अत्यंत कम खर्च हुआ है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य स्तर का अनुमान लगाया जा सकता है। प्रवेश के इच्छुक अभिभावकों से अपील की गई है कि वे कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के साथ गुरुकुल का भ्रमण करें। प्रवेश प्रक्रिया स्थल पर ही पूर्ण की जाएगी। विशेष बात यह है कि यहां निर्धारित शुल्क के स्थान पर सामर्थ्यानुसार सहयोग लिया जाता है।

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