आर्यिका श्री प्रशांत मति माताजी का छठवां पुण्यतिथि स्मरण दिवस सोमवार को श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में क्षुल्लक द्वय श्री महोदय सागर जी एवं पुण्योदय सागर जी महाराज के सान्निध्य में प्रतिष्ठाचार्य पंडित हंसमुख जैन के निर्देशन में अत्यंत भक्तिभाव पूर्वक मनाया गया। धरियावद से पढ़िए, श्रीफल साथी अशोककुमार जेतावत की यह खबर…
धरियावद। समाधिस्थ मुनि दयासागर जी एवं आर्यिका विशुद्ध मति माताजी की शिष्या आर्यिका श्री प्रशांत मति माताजी का छठवां पुण्यतिथि स्मरण दिवस सोमवार को श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में क्षुल्लक द्वय श्री महोदय सागर जी एवं पुण्योदय सागर जी महाराज के सान्निध्य में प्रतिष्ठाचार्य पंडित हंसमुख जैन के निर्देशन में प्रतिष्ठाचार्य विशाल जैन के विधि-विधान में श्रेष्ठी करणमल सेठ की अगुवाई में अत्यंत भक्तिभाव पूर्वक मनाया गया। स्मरण रहे कि आर्यिका प्रशांत मति माताजी का समाधिमरण 6 वर्ष पूर्व आज के ही दिन भींडर नगर में हुआ था। वहां पर गुरु मां की विशाल चरण छतरी ध्यान डूंगरी भींडर में समाधिस्थ स्थल पर बनी हुई है।
यह हुए धार्मिक कार्यक्रम
इस अवसर पर चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर सभागार धरियावद में गुरु मां का चरणाभिषेक, अष्ट द्रव्यों के भरे थालों से पूजन, आरती भक्ति, गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया। प्रातः 8.30 बजे गुरु मां चरणाभिषेक, 9 बजे से विनयांजलि सभा और सायंकाल 7.30 बजे गुरु मां की आरती, भक्ति और श्रावक-श्राविकाओं द्वारा गुरु मां के प्रति भावांजलि सभा हुई।













Add Comment