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शाहगढ़ आर्यिका गुणमति अदावन परिवार के सगे बहिन भाई का पीएससी में हुआ : बहिन समीक्षा जैन डिप्टी कलेक्टर व भाई सिद्धार्थ जिला शिक्षा अधिकारी बने


सागर जिले की तहसील शाहगढ़ की आर्यिका गुणमति माताजी अदावन परिवार में एक नहीं बल्कि दो परीक्षार्थियों ने पीएससी पास कर ली। बहिन का चयन डिप्टी कलेक्टर तो भाई का चयन जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। भाई- बहन दोनों ने ही पहली ही कोशिश में ये सफलता हासिल की। पढ़िए रत्नेश जैन बकस्वाहा


 बकस्वाहा। जिस घर में कोई पीएससी परीक्षा पास कर ले तो परिवार और रिश्तेदारों की खुशी का ठिकाना नहीं रहता, सागर जिले की तहसील शाहगढ़ की आर्यिका गुणमति माताजी अदावन परिवार में एक नहीं बल्कि दो परीक्षार्थियों ने पीएससी पास कर ली। बहिन का चयन डिप्टी कलेक्टर तो भाई का चयन जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। भाई- बहन दोनों ने ही पहली ही कोशिश में ये सफलता हासिल की। इस परीक्षा में भाई सिद्धार्थ जैन जिला शिक्षा अधिकारी पद पर चयनित हुए जबकि बहन समीक्षा 15 वीं रैंक हासिल कर डिप्टी कलेक्टर पद पर सफल हुईं। खास बात है कि ग्रामीण इलाके से ताल्लुकात रखने वाले समीक्षा और सिद्धार्थ ने नागपुर, जबलपुर, इंदौर में पढ़ाई की और बगैर किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी के जरिए मुकाम हासिल किया। समीक्षा और सिद्धार्थ की माता-पिता शाहगढ़ में रहते हैं और एक कपड़े की दुकान चलाते हैं।

पिता ने कहा, मेरा सपना पूरा हो गया

पिता संजय अदावन का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए जो सपना देखा था, वह आज पूरा हुआ है, जबकि मां अनिता जैन कहती हैं कि उनकी दो बेटियां हैं और एक बेटा है। उन्होंने बेटी और बेटे में कभी कोई फर्क नहीं किया और लगातार पढ़ाई के लिए मोटिवेट करती रहती थीं, जिसके चलते आज बच्चों ने जिले और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

उदाहरण करना चाहते हैं पेश

पीएससी में 15 वीं रैंक हासिल कर डिप्टी कलेक्टर बनीं समीक्षा जैन का कहना है कि अपने क्षेत्र की लड़कियों के लिए एक उदाहरण पेश करना चाहती हूं कि बच्चियां पढ़ाई करें और उनकी तरह बनें। उन्होंने कहा है कि डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद भी उनका लक्ष्य होगा कि सरकारी योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन हो और खास तौर पर बालिकाओं की शिक्षा के लिए आगे काम करेंगी, वहीं पीएससी में चयनित भाई सिद्धार्थ जैन का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी पद पर चयनित होने के बाद वे सरकार की “सब पढ़ें सब बढ़ें “, शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वित करेंगे और गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे, यह सुनिश्चित कराएंगे। पीएससी में चयनित समीक्षा ने नवोदय विद्यालय खुरई से इंटर की परीक्षा पास करने के बाद सागर से फार्मेसी पूरी की, तभी उन्होंने डिप्टी कलेक्टर बनने का लक्ष्य बना लिया था। कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने यह कामयाबी हासिल की। भाई-बहन का कहना है कि तैयारी के समय दोनों एक दिन से पढ़ाई में मदद करते थे और मोटिवेट करते थे। उनका कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एमपीपीएससी में जरुर सफल होंगे, उनका कहना है कि अगर एकाग्र होकर तैयारी करें तो निश्चित तौर पर उन्हें सफलता मिलेगी। डिप्टी कलेक्टर बनी बहिन और जिला शिक्षा अधिकारी बने भाई दोनों अपनी इस उपलब्धि से जहां बेहद खुश नजर आ रहे हैं, वहीं पूरे गांव में जश्न का माहौल है। देर रात तक बधाई देने वालों उनके घर पर तांता लगा हुआ था और अदावन परिवार के भाई- बहन दोनों का एक साथ पी एस सी में चयन होने पर गांव में खुशियां मनाई गईं। इस उपलब्धि पर आईएएस सुरेश जैन भोपाल, भारतीय जैन संगठन के सम्भागीय अध्यक्ष सहित अनेक संस्थाओं जुडे़ राजेश रागी वरिष्ठ पत्रकार सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने बधाई दी हैं।

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Shreephal Jain News

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