आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव छत्रपति नगर के दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय में मनाया गया। तीर्थंकर आदिनाथ की प्रतिमा को रजत पालकी में विराजमान कर बैंडबाजों के साथ यात्रा निकाली गई। भगवान का अभिषेक और शांतिधारा आदि विधान किए गए। इंदौर से पढ़िए राजेश जैन दद्दू की यह खबर…
इंदौर। प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव छत्रपति नगर के दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिनालय में विराजित मूल नायक तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक एवं विश्व शांति की कामना के साथ शांतिधारा की गई। शांति मंत्रों के उच्चारण के साथ श्रीजी के मस्तक पर प्रथम स्वर्ण एवं रजत कलशों से महामस्तकाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य अरविंद अखिलेश सौंधिया एवं सतीश सजल डबडेरा परिवार एवं नरेंद्र, राकेश, राजेंद्र, एवं राजेश नायक परिवार ने प्राप्त किया।
पालकी यात्रा में जयघोष से गूंजा क्षेत्र
महा मस्तकाभिषेक के बाद जिनालय से आदि तीर्थंकर आदिनाथ की प्रतिमा को रजत पालकी में विराजमान कर बैंडबाजों के साथ यात्रा निकाली गई। इसमें पुरुष एवं महिलाएं आदिनाथ एवं आचार्य विद्या-विशुद्ध सागर का जयघोष करते हुए चल रहे थे। पालकी यात्रा छत्रपति नगर, गौरव नगर, महावीर बाग एवं अग्रसेन नगर का भ्रमण करते हुए वापस जिनालय पर पहुंची। जहां श्रीजी के अभिषेक हुए। इस अवसर पर जिनालय ट्रस्ट के अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, कैलाश जैन नेताजी, डॉक्टर जैनेंद्र जैन, विपुल बांझल, राजेश जैन दद्दू, डॉ.वीसी जैन, कमल पवन चैलेंजर एवं दिलीप जैन, निलेश जैन, शैलेंद्र सोनी आदि उपस्थित रहे।













Add Comment