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दुकानें और व्यासायिक प्रतिष्ठान रखे बंद : जैन संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की समाधि से जैन समाज व्यथित


जैन धर्म के महान संत पूज्य गुरुदेव संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का चंद्र गिरि तीर्थ डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में प्रातः समाधि मरण हो गया, यह सूचना प्राप्त होते ही झुमरी तिलैया के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। सभी ने अपने व्यवसाय बंद कर मंदिर में णमोकार जाप किया। पढ़िए राज कुमार जैन अजमेरा,नवीन जैन की रिपोर्ट…


झुमरी तिलैया। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की संल्लेखना से श्रद्धालु भक्त जनों में दुख का माहौल है। जैन समाज की सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। जैन धर्म के महान संत पूज्य गुरुदेव संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का चंद्र गिरि तीर्थ डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में प्रातः समाधि मरण हो गया, यह सूचना प्राप्त होते ही पूरे भारतवर्ष और विश्व के जैन संप्रदाय के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। सभी ने अपने व्यवसाय बंद कर मंदिर में णमोकार जाप किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी समाधि पर गहरा दुख प्रकट किया और कहा कि उनका ब्रह्म लीन होना राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका पूरा जीवन समाज में स्वास्थ्य शिक्षा भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने में लगा रहा। लोगों में आध्यात्मिक जागृति के लिए उनके बहुमूल्य प्रयास सदैव स्मरण किए जाएंगे।

सभी धर्मों में पूजनीय

कोडरमा की सांसद केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी जी ने कहा कि जैन संत आचार्य विद्यासागर सभी धर्म के लोगों में पूजनीय थे। सत्य, अहिंसा और भारतीय संस्कृति के प्रतीक थे। उनकी समाधि पर उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। समाजसेवी सुरेश झाझंरी,राज छाबड़ा, सुरेंद्रकाला, किशोर पांड्या, जय कुमार गंगवाल, कमल सेठी, नि.पार्षद पिंकी जैन, समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन, राजकुमार अजमेरा ने पूज्य आचार्य की समाधि पर अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि प्रकट की। रात्रि में जैन मंदिर में गुरुदेव के प्रति विनयांजलि सभा आयोजित की गई है जिसमें समाज के सैकड़ों लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि दी और कहा संत शिरोमणि जैन आचार्य श्री विद्यासागर जी का देवलोकगमन से हम सभी ने एक राष्ट्र संत और चलते- फिरते आज के भगवान को खो दिया।

हमेशा रहेंगे साथ

इसके साथ सभा की कार्यवाही प्रारंभ हुई, जिसमें सर्वप्रथम आचार्य श्री की फोटो के समीप दीप प्रज्वलित समाज के वरिष्ठ सदस्य सुशील जैन छाबडा, ललित जैन सेठी, ओम प्रकाश जैन सेठी, सुरेश जैन सेठी, राज कुमार जैन अजमेरा, महिला समाज ने किया। इसके पश्चात समाज के महिला संगठन की अध्यक्ष नीलम जैन सेठी ने मंगलाचरण किया। इसके बाद विनयांजलि समाज के सह मंत्री नरेंद जैन झांझरी ने कहा कि ऐसे संत उनके प्रेरणादायक जीवन की गौरवगाथा हम शब्दों में वर्णन नहीं कर सकते। उनके जीवन का एक-एक पल हम सबके लिए प्रेरणादायक रहेगा। प्रदीप जैन छाबडा ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी के जाने से से जैन समाज के एक युग का अंत हो गया। समस्त दिगंबर जैन समाज उन्हें भावपूर्ण विन्यांजलि अर्पित करती है। अजय जैन सेठी ने कहा कि आचार्य श्री वर्तमान के भगवान महावीर थे और जिनशासन के शान थे, हम सब के साथ हमेशा रहेंगे। जैन विद्यालय के संयोजक ने कहा कि जैन समाज ने अपना एक ध्रुव तारा खो दिया। समाज के कोषाध्यक्ष सुरेन्द जैन काला ने कहा कि आचार्य श्री की संल्लेखना समतापूर्वक समाधि का सुनकर कोडरमा जैन समाज स्तब्ध है। आज एक सूर्य अस्त हो गया। जैन समाज मुनि श्री का सदैव ऋणी रहेगा। दिगंबर महिला समाज की मंत्राणी आशा जैन गंगवाल ने कहा कि संत शिरोमणि विश्व वंदनीय राष्ट्र संत ब्रह्मांड के देवता आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज सिर्फ जैनियों के नहीं, बल्कि पूरे विश्व के हर धर्म के लोगों के दिलों में बसते थे। सुनीता जैन सेठी ने कहा कि उनका शरीर का तेज ऐसा था, जिसके आगे सूरज का तेज भी फीका था। अंकिता जैन सड़ती ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने जैनत्व के उच्च स्थान को प्राप्त किया। जैन समाज ने अपना एक ध्रुव तारा खो दिया।

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