जिले के खनियांधाना में स्थित गोलाकोट जैन तीर्थ अब स्वर्ग सा नजर आता है। गोलाकार पहाड़ों के बीच 105 बीघा में बने प्राचीन दिगंबर जैन तीर्थ पर व्यवस्थाएं ऐसी है कि जो देखता है दंग रह जाता है। शिवपुरी से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह खबर…
शिवपुरी। जिले के खनियांधाना में स्थित गोलाकोट जैन तीर्थ अब स्वर्ग सा नजर आता है। गोलाकार पहाड़ों के बीच 105 बीघा में बने प्राचीन दिगंबर जैन तीर्थ पर व्यवस्थाएं ऐसी है कि जो देखता है दंग रह जाता है। आचार्यश्री विद्यासागरजी के आशीर्वाद एवं मुनिश्री सुधासागर जी के निर्देशन में इस तीर्थ स्थल का विकास किया जा रहा है। दिल्ली के व्यवसायी राजधानी परिवार ने यहां अपने माता-पिता के नाम से 30 कमरों का हाईटेक होटल जैसा अतिथि गृह बनाकर दिया है। इसकी खास बात यह है कि इस अतिथि गृह की पूरी आय मंदिर कमेटी को जाती है । इस तीर्थ पर भव्य धर्मशाला और भोजनशाला भी उपलब्ध है।अतिशयकारी भगवान आदिनाथ के दर्शन से हर काम सफल हो जाते हैं ।
– इस तीर्थ पर प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का विशाल जिनालय बनकर लगभग तैयार हो चुका है।
– त्रिकाल चौबीसी के लिए 24 जिनालय बनाए जाने हैं।
– विशाल भोजशाला तैयार है, जहां 150 लोग साथ बैठकर भोजन कर सकते हैं।
– हेलीकाप्टर उतरने के लिए हेलीपेड बन चुका है।
– शानदार तालाब का निर्माण हो चुका है।
– इस तालाब के किनारे 25 संत कुटियां बनाई गई हैं। संतों के लिए यह कुटियां लकड़ी से तैयार की गई हैं।
– संतों के प्रवचन के लिए स्टेडियम की तर्ज पर ओपन सभागार बनाया गया है।
– सामाजिक आयोजन के लिए अतिथि गृह में 200 सीटर एयर कंडीशन सभागार बनाया गया है।
– पुराने संत आवास को धर्मशाला में बदल दिया गया है।
– भगवान के अभिषेक के लिए लगभग 15 लाख लीटर पानी का प्राकृतिक फिल्टर प्लाट बनाया गया है।













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