धामनोद में पर्यूषण पर्व के अवसर पर शिरोमणि आचार्य वर्धमान सागरजी महाराज का 75वां अवतरण दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। समाज के गणमान्य सदस्यों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
धामनोद में जैन समाज द्वारा शिरोमणि आचार्य राष्ट्रीय संत वात्सल्य बारिधि वर्धमान सागरजी महाराज का 75वां अवतरण दिवस पर्यूषण पर्व के अवसर पर बड़े हर्ष और भक्ति भाव से मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री की फोटो के अनावरण से हुआ, जिसे समाज के अध्यक्ष महेश जैन, सचिव दीपक प्रधान और समस्त कार्यकारिणी ने पथरिया से पधारे पंडित यश जैन एवं पंडित अंशुल की उपस्थिति में किया।
दीप प्रज्वलन का कार्य मुनि सेवा समिति के सदस्यों ने किया। इसके बाद नमोकार महामंत्र प्लेट का विमोचन समाज के वरिष्ठजनों—पूर्व अध्यक्ष रमेशचंद जैन, राजा भाई जैन, नरेंद्र जैन, राकेश जैन, अशोक प्रधान, संदीप मंडलोई, विजय जैन झंडा, लोकेंद्र जैन, डॉ. प्रकाश कियावत, अजय जैन, सुनील जैन, नीलेश जैन आदि ने संयुक्त रूप से किया।
बच्चों और युवाओं ने सुंदर अर्घावली प्रस्तुत की
अष्टद्रव्य पूजन में समाज की महिलाओं और पुरुषों के छह ग्रुपों ने भाग लेकर संत चरणों में अर्पण किया और भक्ति भाव से आहारचर्या का सहयोग किया। कार्यक्रम के प्रायोजक डॉ. विनय एवं प्रीति प्रधान, सपना विशेष जैन, मुकेश-वंदना जैन और मीना-दीपक प्रधान रहे। इस अवसर पर बच्चों और युवाओं ने सुंदर अर्घावली प्रस्तुत की, जिसका वाचन सोना, राकेश जैन, अर्षुल और आयुष जैन ने किया। सीमा संदीप मंडलोई ने संत सेवा के लिए स्टील की टेबल समाज को दान की। साथ ही धर्म प्रभावना का वितरण भी किया गया।
समाज ने लिया सामूहिक संकल्प
समाज ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि आगामी चातुर्मास में इंदौर के लिए धामनोद समाज की ओर से एक बस ले जाकर आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज के चरणों में निवेदन किया जाएगा। वर्तमान में आचार्य श्री राजस्थान के टोंक नगर में चातुर्मास कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन दीपक प्रधान ने किया और आभार ज्ञापन समाज अध्यक्ष महेश जैन ने प्रस्तुत किया। यह आयोजन धामनोद जैन समाज की आस्था, एकता और संत सानिध्य के प्रति गहन श्रद्धा का प्रतीक बना।













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